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देवास में ननासा ओवरब्रिज पर दर्दनाक हादसा: PWD के SDO की कार डिवाइडर से टकराई, मौके पर मौत

Published: Fri, 19 Jun 2026 05:25 PM (IST)

देवास में इंदौर-बैतूल हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में पीडब्ल्यूडी एसडीओ दरियाव सिंह परमार का निधन हो गया। उनकी ...और पढ़ें

टक्कर के बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त कार, दूसरे चित्र में अस्पताल में बैठे मृतक के परिचित।

टक्कर के बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त कार, दूसरे चित्र में अस्पताल में बैठे मृतक के परिचित।

HighLights

  1. पीडब्ल्यूडी एसडीओ दरियाव सिंह परमार की सड़क हादसे में मौत।

  2. देवास के ननासा ओवरब्रिज पर कार डिवाइडर से टकराई।

  3. बैतूल से धार जाते समय रास्ते में हुआ दर्दनाक हादसा।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। देवास जिले में इंदौर-बैतूल हाईवे पर शुक्रवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एसडीओ दरियाव सिंह परमार की मौत हो गई। कन्नौद थाना क्षेत्र के ननासा ओवरब्रिज पर उनकी कार अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी जान नहीं बच सकी।

बैतूल से धार जाते वक्त हादसा

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दरियाव सिंह परमार मूलतः धार जिले के अमझेरा क्षेत्र के निवासी थे और वर्तमान में बैतूल जिले में पीडब्ल्यूडी में एसडीओ के पद पर कार्यरत थे। शुक्रवार को वे किसी पारिवारिक कार्यक्रम के सिलसिले में बैतूल से धार जा रहे थे। इसी दौरान ननासा ओवरब्रिज पर उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

SDO dariyav singh 21415

भीषण टक्कर के बाद फटा कार का टायर

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई, जिसके बाद वाहन का टायर भी फट गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि परमार के सिर और सीने में गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

कन्नौद थाना प्रभारी तहजीब काजी ने बताया कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद दुर्घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे। स्वजन को घटना की सूचना दे दी गई है।

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देवास में भी पदस्थ रह चुके थे

दरियाव सिंह परमार इससे पहले करीब पांच से छह वर्ष तक देवास जिले में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। हादसे की खबर फैलते ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा सड़क निर्माण कार्यों से जुड़े कई ठेकेदार कन्नौद अस्पताल पहुंच गए। उनके निधन से विभागीय कर्मचारियों और परिचितों में शोक की लहर है।