नीमच में झोलाछाप डॉक्टर के उपचार के बाद बालक की मौत, आक्रोशित स्वजन ने लगाया जाम; क्लीनिक सील
मनासा में एक निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान 11 वर्षीय बालक की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया, ...और पढ़ें

मार्ग पर बाइक्स अड़ाकर स्वजन व ग्रामीणों ने लगाया जाम।
HighLights
मनासा में 11 वर्षीय बालक की इलाज के बाद हो गई मौत।
परिजनों ने बिना डिग्री वाले व्यक्ति पर इंजेक्शन लगाने का आरोप।
आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम किया, क्लीनिक सील।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। नीमच जिले के मनासा में बुधवार रात इलाज के दौरान 11 वर्षीय बालक की मौत के बाद हंगामा हो गया। रानी लक्ष्मीबाई मार्ग स्थित एक निजी क्लीनिक में उपचार के बाद भाटखेड़ी निवासी बालक की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि क्लीनिक में बिना डिग्री वाले व्यक्ति ने बालक को इंजेक्शन लगाया था। इंजेक्शन लगने के करीब 10 मिनट बाद उसकी हालत बिगड़ी और उसने दम तोड़ दिया।
बालक की मौत के बाद गुस्साए स्वजन और ग्रामीण सड़क पर उतर आए और मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। इसके बाद प्रशासन ने संबंधित निजी क्लीनिक को सील कर दिया।
इलाज के बाद बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम भाटखेड़ी निवासी 11 वर्षीय बालक को उपचार के लिए मनासा के रानी लक्ष्मीबाई मार्ग स्थित निजी क्लीनिक ले जाया गया था। परिजनों का आरोप है कि क्लीनिक में कथित तौर पर बिना डिग्री वाले व्यक्ति ने बालक को इंजेक्शन लगाया।
परिजनों के मुताबिक इंजेक्शन लगने के करीब 10 मिनट बाद बालक की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने सड़क पर जाम लगा दिया।
पुलिस-प्रशासन पहुंचा, क्लीनिक किया सील
चक्काजाम की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। इसके बाद संबंधित निजी क्लीनिक को सील कर दिया गया। बताया जा रहा है कि यह क्लीनिक सीएचओ सुनील पाटीदार का है।
यह भी पढ़ें- इंदौर में कचरा वाहन ने 10 साल की बच्ची को रौंदा, पैर पर चढ़ा पहिया; CCTV आया सामने
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
बालक के शव का पोस्टमार्टम शासकीय अस्पताल में कराया गया। पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बालक की मौत की वास्तविक वजह क्या थी और उपचार के दौरान किन परिस्थितियों में उसकी हालत बिगड़ी।
फिलहाल परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और मौत के कारण को लेकर अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।
