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राम मंदिर चंदा चोरी विवाद पर MP में गरमाई सियासत, कांग्रेस ने चंपत राय से 'देवी अहिल्या राष्ट्रीय पुरस्कार' वापस लेने की उठाई मांग

Published: Tue, 07 Jul 2026 04:47 PM (IST)

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को पत्र लिखकर इंदौर की श्री अहिल्योत्सव समिति से इस सम्मान पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।

चंपत राय को मिला था 'देवी अहिल्या राष्ट्रीय पुरस्कार'।

चंपत राय को मिला था 'देवी अहिल्या राष्ट्रीय पुरस्कार'।

HighLights

  1. कांग्रेस ने चंपत राय से देवी अहिल्या पुरस्कार वापसी की मांग की।

  2. चढ़ावा चोरी और वित्तीय धांधली के आरोपों पर आधारित है यह मांग।

  3. इंदौर की अहिल्योत्सव समिति से सम्मान पर पुनर्विचार का आग्रह।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। अयोध्या के श्रीराम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी और कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की गूंज अब मध्य प्रदेश की राजनीति में भी सुनाई देने लगी है। कांग्रेस नेताओं दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी के हमलों के बाद अब प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को पत्र लिखकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पूर्व महासचिव चंपत राय को दिया गया 'देवी अहिल्या राष्ट्रीय पुरस्कार' वापस लेने की मांग की है।

सम्मान पर उठे सवाल, समिति से पुनर्विचार की मांग

केके मिश्रा ने अपने पत्र में कहा है कि इंदौर की श्री अहिल्योत्सव समिति द्वारा 13 जनवरी 2025 को चंपत राय को दिया गया यह सम्मान लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम से जुड़ा प्रतिष्ठित पुरस्कार है। ऐसे में यदि उन पर लगे आरोप गंभीर हैं तो समिति को बैठक बुलाकर इस सम्मान पर पुनर्विचार करना चाहिए।

मिश्रा का दावा है कि चंपत राय पर चंदे के उपयोग, वित्तीय अनियमितताओं और जमीन खरीदी-बिक्री से जुड़े गंभीर आरोप लगे हैं। उन्होंने कहा कि यह मांग किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं, बल्कि पुरस्कार की गरिमा और लोकमाता अहिल्याबाई के सम्मान की मर्यादा बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।

तब संघ प्रमुख ने किया था सम्मानित

गौरतलब है कि जनवरी 2025 में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने चंपत राय को 'देवी अहिल्या राष्ट्रीय पुरस्कार' से सम्मानित किया था। उस अवसर पर तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष रह चुकीं सुमित्रा महाजन ने उन्हें राम मंदिर आंदोलन और कारसेवकों का प्रतिनिधि बताया था।

सम्मान ग्रहण करते हुए चंपत राय ने यह पुरस्कार राम जन्मभूमि आंदोलन में योगदान देने वाले कारसेवकों और संघर्ष करने वाले लोगों को समर्पित किया था। वहीं डॉ. मोहन भागवत ने अपने संबोधन में श्रीराम मंदिर आंदोलन के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला था।

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भाजपा ने बताया बेबुनियाद विवाद

कांग्रेस की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पूरे विवाद को "फिजूल की बात" बताते हुए कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। दूसरी ओर, सुमित्रा महाजन ने कहा कि उन्हें अभी तक केके मिश्रा का पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र मिलने और उसका अध्ययन करने के बाद ही वे इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया देंगी।