उज्जैन में राष्ट्रीय युवा धर्म संसद का संघ प्रमुख करेंगे शुभारंभ, 1200 युवा करेंगे धर्म और बदलते भारत पर मंथन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत शुक्रवार को उज्जैन में तीन दिवसीय युवा धर्म संसद का विधिवत शुभारंभ ...और पढ़ें

HighLights
डॉ. मोहन भागवत उज्जैन युवा धर्म संसद का विधिवत शुभारंभ करेंगे।
1200 युवा धर्म, युवा शक्ति और बदलते भारत पर विचार-विमर्श करेंगे।
युवा शक्ति को सही दिशा देने और विकास का माध्यम बनाने पर जोर।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। उज्जैन में चलने वाले तीन दिवसीय युवा धर्म संसद का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत शुक्रवार को विधिवत शुभारंभ करेंगे। गुरुवार से सेवाज्ञ संस्थानम् की तीन दिवसीय युवा धर्म संसद शुरू हो गई है। पहले दिन देशभर से आए 1200 युवाओं के बीच चयनित 16 युवाओं ने युवा पंचायत के तहत धर्म, युवा और बदलते भारत की चुनौतियों सहित विभिन्न विषयों पर विचार व्यक्त किए।
इनका होगा वक्तव्य
शुक्रवार को होने वाले ‘निरंकुश संवाद-पद्धति तथा सूचना एवं विचार का संघर्ष’ विषय पर आध्यात्मिक वक्ता आचार्य पुंडरीक गोस्वामी महाराज, मां सद्विद्यानंद, दैनिक जागरण-नईदुनिया समूह के कार्यकारी संपादक विष्णु प्रकाश त्रिपाठी और भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय विचार व्यक्त करेंगे।
गुरुवार को मध्य प्रदेश युवा आयोग के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा, झारखंड कैडर की आईएएस निशा उरांव और भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान बृजेश कुमार ने युवाओं से संवाद किया। अध्यक्षता सेवाज्ञ संस्थानम् के कार्यक्रम संयोजक डॉ. श्याम सिंह ने की।
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युवा शक्ति को सही दिशा देने पर जोर
प्रवीण शर्मा ने कहा कि युवा अवस्था तन की नहीं, मन की अवस्था है। युवा केवल प्रश्न खड़ा करने वाला नहीं, बल्कि उसके उत्तर और समाधान तलाशने वाला भी है। वहीं, निशा उरांव ने युवा शक्ति की तुलना तेज प्रवाह वाली नदी से करते हुए कहा कि सही दिशा मिले तो यही ऊर्जा विकास का माध्यम बनती है, नहीं तो बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर सकती है।
