इंदौर का करोड़पति 'हेड कॉन्स्टेबल'... लोकायुक्त जांच में ₹68 करोड़ से अधिक की संपत्ति के दस्तावेज मिले, नौकर-नौकरानी के नाम पर भी प्रॉपर्टी
लोकायुक्त छापे के बाद प्रधान आरक्षक फिरोज खान की संपत्ति जांच में ₹68 करोड़ से अधिक के दस्तावेज मिले हैं। ...और पढ़ें

आरोपित हेड कांस्टेबल फिरोज खान।
HighLights
लोकायुक्त छापे में फिरोज खान की ₹68 करोड़ संपत्ति उजागर।
नौकर-नौकरानी, रिश्तेदारों के नाम पर बेनामी संपत्तियां मिलीं।
देवास, उज्जैन में भूखंड, मकान, कृषि भूमि की जांच जारी।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। लोकायुक्त के छापे के बाद पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में पदस्थ प्रधान आरक्षक फिरोज खान की संपत्ति की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रजिस्ट्रार कार्यालय से मिले दस्तावेजों के आधार पर लोकायुक्त को अब तक 68 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों से जुड़े कागजात मिले हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि इनमें कुछ अचल संपत्तियां नौकर-नौकरानी, रिश्तेदारों और अन्य परिचितों के नाम पर दर्ज हैं। लोकायुक्त इन संपत्तियों को कथित बेनामी संपत्ति के रूप में जांच के दायरे में रखे हुए है।
लोकायुक्त एसपी डॉ. राजेश सहाय के अनुसार, दस्तावेजों में देवास शहर के अलावा राजोदा, लोहाना और उज्जैन में भूखंड, मकान तथा कृषि भूमि का विवरण मिला है। अब इन संपत्तियों की खरीद, भुगतान के स्रोत और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
नौकरानी और अन्य लोगों के नाम पर जमीन-मकान
जांच में रानू कुशवाह के नाम पर देवास जिले के लोहाना गांव में कृषि भूमि के दस्तावेज मिले हैं। लोकायुक्त के अनुसार, रानू फिरोज खान के यहां नौकरानी के रूप में काम करती थी। उसके नाम पर राजोदा में भी करोड़ों रुपये की संपत्ति होने की जानकारी सामने आई है।
इसी तरह, खेरूननिशा हाफिज शहजाद अली और रेशमा कुरैशी परवेज अहमद के नाम से दर्ज संपत्तियों के दस्तावेज भी जांच एजेंसी को मिले हैं। रेशमा के नाम पर महाकाल मार्ग पर मकान होने का उल्लेख है। लोकायुक्त इन संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व और खरीद में इस्तेमाल की गई रकम के स्रोत का पता लगा रहा है।
लेन-देन संभालने वाले सहयोगी के नाम भी संपत्ति
लोकायुक्त की जांच में नफीस खान का नाम भी सामने आया है। अधिकारियों के मुताबिक, नफीस कथित तौर पर फिरोज खान के रुपये के लेन-देन का काम संभालता था। उसके नाम पर देवास की शालीमार कॉलोनी में करोड़ों रुपये की संपत्ति मिलने की जानकारी है।
इसके अलावा युवराज पंवार के नाम पर कृषि भूमि के दस्तावेज भी मिले हैं। लोकायुक्त एसपी के अनुसार, छापे के दौरान बरामद दस्तावेजों में कुछ ऐसे संपत्ति सौदों का भी उल्लेख है, जिनका भुगतान फिरोज खान की मां वहीदा के बैंक खाते से किए जाने की जानकारी मिली है।
भूमि सौदे की चिट्ठी पर हस्ताक्षर की भी जांच
जांच एजेंसी को एक भूमि सौदे से जुड़ी चिट्ठी पर फिरोज खान के हस्ताक्षर होने की जानकारी भी मिली है। इंसाफ अहमद, निवासी टोंक खुर्द, का नाम भी जांच में सामने आया है। वह उज्जैन के जवाहर नगर में रहकर प्रॉपर्टी की दलाली करता है।
अब लोकायुक्त संबंधित दस्तावेजों, बैंक लेन-देन और संपत्ति खरीद में शामिल लोगों की भूमिका का मिलान कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन संपत्तियों का वास्तविक स्वामित्व किसके पास है और उनमें से कितनी संपत्तियां अवैध आय या कथित बेनामी लेन-देन से जुड़ी हैं।
