विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

MP के जिस जिले में बनती है हजारों मेगावाट बिजली, वहीं पर तीन महीने से अंधेरे में पूरा गांव; ₹9 लाख बकाया पर काटी सप्लाई

Published: Mon, 28 Sep 2026 11:29 PM (IST)

खंडवा, जो मध्य प्रदेश का एक प्रमुख बिजली उत्पादक जिला है, वहां का खजूरी गांव पिछले तीन महीने से अंधेरे ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. नौ लाख रुपये बिल बकाया होने पर विद्युत कंपनी ने बंद की खजूरी गांव की आपूर्ति।

  2. नियमित बिल भरने वाले उपभोक्ता भी परेशान, पांच को छोड़ बाकी ने नहीं चुकाया बिल।

  3. खंडवा में छह पावर प्लांट, प्रदेश का करीब 13% बिजली उत्पादन इन्हीं परियोजनाओं से।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। खंडवा जिला मध्य प्रदेश का प्रमुख पावर हब है। यहां स्थित हाईड्रो, थर्मल और सोलर परियोजनाओं की छह इकाइयां प्रतिदिन 4318 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता रखती हैं, जो प्रदेश के कुल उत्पादन क्षमता का करीब 13 फीसद है। खंडवा में उत्पादित बिजली से प्रदेश के विभिन्न जिले रोशन होते हैं, रेलवे सहित उद्योगों में भी इसकी आपूर्ति की जाती है, लेकिन इन्हीं विद्युत परियोजनाओं से करीब 70 किमी दूर स्थित जिले का खजूरी गांव पिछले तीन महीने से अंधेरे में है।

यहां के उपभोक्ताओं पर करीब नौ लाख रुपये बिजली बिल बकाया होने के कारण विद्युत विरतण कंपनी ने पूरे गांव की बिजली आपूर्ति बंद कर दी, जिससे ग्रामीणों की दिनचर्या और कृषि कार्य दोनों प्रभावित हैं।

ट्रांसफार्मर खराब हुआ, फिर बंद कर दी गई बिजली

ग्रामीणों के मुताबकि, लगभग तीन महीने पहले ट्रांसफार्मर खराब हो गया था। विद्युत कंपनी ने बकाया बिल जमा करने के लिए दबाव बनाना शुरू किया, बाद में पूरे गांव की बिजली आपूर्ति बंद कर दी। इससे नियमित बिल जमा करने वाले उपभोक्ता भी परेशान हैं। ग्रामीण विनोद चौहान का कहना है कि बकायदारों के अलग अलग कनेक्शन काटे जाने चाहिए। उनकी गलती की सजा हम लोग क्यों भुगतें।

70 में सिर्फ 5 परिवारों के बिल भरने का दावा

वहीं लाइनमैन शिवनारायण कुशवाह ने बताया कि गांव के 70 में सिर्फ पांच परिवार ही नियमित रूप से बिल जमा करते हैं। 65 उपभोक्ताओं पर नौ लाख रुपये की राशि बकाया है, कुछ उपभोक्ताओं पर 40 हजार रुपये तक का बिल बकाया है। कई परिवारों ने कनेक्शन लेने के बाद से ही बिल जमा नहीं किया।

यह भी पढ़ें- MP के 58 लाख स्कूली बच्चों को यूनिफॉर्म की जगह मिलेंगे ₹600! सरकार फिर बदलेगी नियम

जिले में बिजली उत्पादन की स्थिति

परियोजना --- क्षमता
इंदिरा सागर पावर स्टेशन (हाइड्रो) --- 1000 मेगावाट
ओंकारेश्वर पावर स्टेशन (हाइड्रो) --- 520 मेगावाट
संत सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना --- 2520 मेगावाट
एनएचडीसी फ्लोटिंग सोलर, प्रथम चरण --- 88 मेगावाट
एएमपी एनर्जी फ्लोटिंग सोलर --- 100 मेगावाट
एसजेबीएन फ्लोटिंग सोलर --- 90 मेगावाट
कुल क्षमता : 4318 मेगावाट

खंडवा जिले में विद्युत उपभोक्ताओं पर करीब 35 करोड़ रुपये बकाया है। इसकी वसूली का लक्ष्य मिला है। लंबे समय से बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं और गांवों में कनेक्शन काटने के साथ ट्रांसफार्मर हटाने की कार्रवाई भी की जा रही है। इस दौरान पेयजल सहित अन्य आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों, इसका ध्यान रखा जाता है।
- दिलीप बुके, अधीक्षण यंत्री, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी