वंदे मातरम पर इंदौर नगर निगम की बैठक में बवाल: कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख का गाने से इंकार, सभापति ने किया निष्कासित
इंदौर नगर निगम की बजट बैठक में कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख ने 'वंदे मातरम' गाने से इंकार कर दिया। उनके ...और पढ़ें
HighLights
कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख ने वंदे मातरम गाने से इंकार किया।
भाजपा पार्षदों के विरोध के बाद सदन में भारी हंगामा हुआ।
सभापति ने फौजिया शेख को सदन से बाहर जाने का निर्देश दिया।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। इंदौर नगर निगम की बजट बैठक उस वक्त विवादों के केंद्र में आ गई, जब कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख ने ‘वंदे मातरम’ गाने से इंकार कर दिया। कहा कि इस गाने पर मजबूर नहीं किया जा सकता, ऐसा कोई एक्ट नहीं है। उनके इस कदम पर भाजपा पार्षदों ने तीखा विरोध जताया, जिसके चलते सदन का माहौल गरमा गया और भारी हंगामा देखने को मिला। स्थिति बिगड़ती देख सभापति ने फौजिया शेख को सदन से बाहर जाने के निर्देश दिए।
वंदे मातरम गाने को बाध्य नहीं कर सकते
कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख ने कहा कि सदन में मेरे साथ जो व्यवहार हुआ है वो बहुत गलत है। उन्होंने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि को ‘वंदे मातरम’ गाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि हर नागरिक को अपनी आस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके धार्मिक विश्वास के अनुसार वह इस गीत का उच्चारण नहीं कर सकतीं, और देशभक्ति का प्रमाण किसी एक गीत से नहीं जुड़ा होना चाहिए।
आसंदी के पास पहुंचकर किया हंगामा
इस दौरान इंदौर नगर निगम के सदन में गद्दार और कुत्ते भौकने के शब्दों पर भी हंगामा हुआ। पार्षद सभापति की आसंदी तक पहुंच गए और विरोध करने लगे। गौरतलब है कि मंगलवार को निगम का बजट पेश किया गया था, इस दौरान भी भागीरथपुरा कांड को लेकर हंगामा हुआ था। पक्ष और विपक्ष के पार्षदों के बीच जमकर बहस हुई।
