इंदौर के गोल्ड स्मगलिंग केस में बड़ा खुलासा: ज्वेलर्स पिता-पुत्र ने 3 साल में खरीदा 90 किलो सोना, कीमत 100 करोड़; कोर्ट ने ठुकराई जमानत
DRI की जांच में इंदौर के सराफा कारोबारी दीपक खंडेलवाल और उनके बेटे नकुल खंडेलवाल द्वारा तीन साल में 90 ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।
HighLights
सराफा कारोबारी पिता-पुत्र ने 90 किलो सोना खरीदा।
सोने की कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई।
विशेष न्यायालय ने आरोपितों की जमानत याचिकाएं खारिज कीं।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। इंदौर के सराफा बाजार से जुड़े कथित सोना तस्करी मामले में डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। एजेंसी के मुताबिक, सराफा कारोबारी दीपक खंडेलवाल और उनके बेटे नकुल खंडेलवाल से जुड़े मामले में पिछले तीन वर्षों के दौरान करीब 90 किलो सोने की खरीद का पता चला है। इस सोने की कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। जांच एजेंसी को आशंका है कि सोना विदेश से तस्करी कर भारत लाया गया और बाद में ज्वेलरी कारोबार के जरिए बाजार में खपाया गया।
मामले में आरोपित पिता-पुत्र को विशेष न्यायालय से राहत नहीं मिली है। दोनों की ओर से पेश जमानत याचिकाओं को कोर्ट ने खारिज कर दिया। हालांकि, आरोपितों ने तस्करी के सोने की खरीद से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है।
कार की सीट के नीचे मिला था करोड़ों का सोना
DRI को सूचना मिली थी कि कुछ लोग महाराष्ट्र से सोना लेकर इंदौर आ रहे हैं। इस आधार पर 14 अगस्त 2026 को एजेंसी की टीम ने एक कार की जांच की। तलाशी के दौरान कार की आगे वाली सीट के नीचे रखे बॉक्स से सोने के तीन बिस्किट बरामद हुए। इनकी अनुमानित कीमत 4.72 करोड़ रुपये बताई गई।
कार में सवार रोमेल और यश लालवानी को DRI ने गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी के सामने जानकारी आई कि बरामद सोना इंदौर के सराफा कारोबारी दीपक खंडेलवाल को बेचा जाना था। इसी सुराग के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया।
कोटा से गिरफ्तार हुए थे पिता-पुत्र
जांच के सिलसिले में DRI ने 19 अगस्त को दीपक खंडेलवाल और उनके बेटे नकुल खंडेलवाल को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया था। एजेंसी की जांच में निखिल लालवानी के माध्यम से पिछले तीन वर्षों में करीब 90 किलो सोने की खरीद की जानकारी सामने आने की बात कही गई है।
जांच एजेंसी को संदेह है कि यह सोना विदेश से अवैध रूप से भारत लाया गया था और फिर सराफा कारोबार के माध्यम से बाजार में बेचा गया। हालांकि, सोने की खरीद, उसके स्रोत और कथित तस्करी से जुड़े आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होना बाकी है।
आरोपित बोले- तस्करी के सोने से संबंध नहीं
DRI की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक चंदन ऐरन के मुताबिक, दीपक और नकुल खंडेलवाल की ओर से विशेष न्यायालय में जमानत आवेदन दाखिल किए गए थे। आरोपितों का पक्ष था कि उनका तस्करी के सोने से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वे करीब 20 वर्षों से सराफा कारोबार कर रहे हैं और उन्होंने कभी इस तरह का सोना नहीं खरीदा।
कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दीपक और नकुल की ओर से प्रस्तुत जमानत आवेदन निरस्त कर दिए।
