इंदौर अग्निकांड के बाद EV की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल, करोड़ों की स्पोर्ट्स कार भी चलते-चलते हो गई थी खाक
इंदौर में मनोज पुगलिया परिवार के अग्निकांड के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। पिछले दिनों महंगी ...और पढ़ें

लग्जरी कार जलकर हुई खाक (फाइल फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, इंदौर। शहर में हाल ही में मनोज पुगलिया परिवार के भीषण अग्निकांड में 8 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की सुरक्षा को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। इसी बीच एक पुरानी घटना ने इस चिंता को और गहरा कर दिया है, जब इंदौर की सड़कों पर चलती एक महंगी इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार कुछ ही मिनटों में आग का गोला बनकर राख हो गई थी।
यह कोई साधारण वाहन नहीं था, बल्कि करीब 2.80 करोड़ रुपये की विदेशी Porsche Taycan कार थी। 13 जनवरी को हुई दुर्घटना में कार में उठी एक छोटी सी चिंगारी ने विकराल रूप ले लिया और पूरी गाड़ी को चंद मिनटों में खाक कर दिया।
चलती कार में उठी चिंगारी, कुछ ही देर में सब खत्म
कार मालिक संस्कार दरियानी के अनुसार, घटना के वक्त उनके पिता वाहन चला रहे थे। अचानक जलने की गंध और धुआं दिखाई देने पर उन्होंने तुरंत कार रोक दी और बाहर निकल गए। पास में मौजूद पीसीआर वैन की मदद से फायर एक्सटिंग्विशर से आग बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते पूरी कार जलकर राख हो गई।
बाद में जांच में सामने आया कि वायरिंग में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी। कार में मौजूद दीपक दरियानी का कहना है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल का पूरा सिस्टम बैटरी और वायरिंग पर आधारित होता है, जिससे छोटी सी तकनीकी खामी भी बड़े हादसे में बदल सकती है।
भारतीय परिस्थितियों में EV पर सवाल
घटना के बाद सामने आए तथ्यों ने चिंता और बढ़ा दी है। विशेषज्ञों और वाहन मालिकों का मानना है कि भारतीय परिस्थितियां— जैसे खराब सड़कें, अधिक तापमान और चूहों द्वारा वायर काटे जाने की घटनाएं— EV के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। वायर ढीले होने या क्षतिग्रस्त होने पर गर्मी में चिंगारी निकलने और आग लगने की आशंका बनी रहती है।
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पहले भी हो चुके दर्दनाक हादसे
इंदौर में आग से जुड़ी घटनाएं नई नहीं हैं। पिछले साल अक्टूबर में एबी रोड स्थित कांग्रेस नेता प्रवेश अग्रवाल के पेंटहाउस में आग लगने से उनकी दम घुटने से मौत हो गई थी। वहीं फरवरी 2024 में व्यापारी जितेंद्र गोयल के तीन मंजिला मकान में आग लगने से उनकी पत्नी अनिता की जान चली गई थी।
इसके अलावा मई 2022 में राधिका कुंज की एक मल्टी में आगजनी की घटना में सात लोगों की दम घुटने से मौत हो गई थी, जहां फायर सेफ्टी के इंतजाम नदारद थे।
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सुरक्षा बनाम तकनीक, बहस तेज
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) भारतीय हालात में पूरी तरह सुरक्षित हैं? या फिर तेजी से बढ़ती तकनीक के साथ सुरक्षा मानकों पर और सख्ती की जरूरत है।
