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21 पासबुक, 8 ATM और 20 चेकबुक... इंदौर क्राइम ब्रांच ने 3 करोड़ की साइबर ठगी के आरोपी को किया गिरफ्तार

Published: Mon, 14 Sep 2026 12:03 PM (IST)

इंदौर क्राइम ब्रांच ने ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी ललित को गिरफ्तार किया है।

(एआई द्वारा जनरेट की गई तस्वीर)

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश के इंदौर में क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अपने विशेष अभियान ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत कार्रवाई करते हुए ललित नाम के एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसे ऋषि सुतार के नाम से भी जाना जाता है।

इस गिरोह का काम करने का तरीका और ठगी का पैमाना इतना बड़ा था कि पुलिस भी हैरान है। जब पुलिस ने ललित को गिरफ्तार किया, तो उसके पास से धोखाधड़ी में इस्तेमाल होने वाले कई अहम दस्तावेज और उपकरण बरामद हुए।

तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 21 बैंक पासबुक, 20 चेकबुक, 8 एटीएम कार्ड और 7 क्यूआर कोड के साथ-साथ एचपी कंपनी का एक लैपटॉप भी जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार, इन सभी चीजों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर लोगों को ठगने और पैसों की हेराफेरी के लिए किया जा रहा था।

ग्यारह राज्यों में फैला था जाल

एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक, जब बरामद किए गए बैंक खातों की जानकारी नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर खंगाली गई, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इन बैंक खातों का इस्तेमाल करीब 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की रकम इधर-उधर करने के लिए किया गया था।

इस नेटवर्क के तार मध्य प्रदेश से बाहर निकलकर देश के 11 राज्यों तक फैले हुए थे, जिनमें महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, पंजाब, गुजरात, बिहार, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान-निकोबार शामिल हैं।

जांच में यह भी पता चला है कि इन खातों के खिलाफ पहले से ही 46 अलग-अलग शिकायतें दर्ज हैं। शुरुआती जांच के अनुसार, ये शातिर ठग एपीके फ्रॉड, इन्वेस्टमेंट के नाम पर धोखाधड़ी और अन्य ऑनलाइन फाइनेंसियल ठगी को अंजाम देते थे।

चार लाख का लालच देकर म्यूल अकाउंट से खेल

ठगों का एक बड़ा हथियार म्यूल अकाउंट यानी किराए के बैंक खाते होते हैं। इसी सिलसिले में विजयनगर तथा कनाडिया पुलिस ने भी अलग-अलग कार्रवाई की है। विजयनगर पुलिस ने अरबाज खान, अनस अहमद, नदीम खान और सलमान मुल्तानी सहित पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया है।

इन लोगों को एटूजेड कार एंड डील के नाम से एक चालू खाता खुलवाने के लिए 4 लाख रुपये देने का लालच दिया गया था, जिसमें से 20 हजार रुपये तुरंत और बाकी 3 लाख 80 हजार रुपये बाद में देने की बात कही गई थी।

फर्जी खातों के जरिए दूसरे राज्यों में पैसों की हेराफेरी

वहीं, कनाडिया इलाके में भी इसी तरह का एक मामला सामने आया है। यहां विवेक गोयल और अरुण साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, विवेक ने अरुण को पैसों का लालच देकर उसके नाम पर एक फर्जी खाता खुलवाया था।

इस खाते का इस्तेमाल मुख्य रूप से दूसरे राज्यों में ठगी के पैसों के लेन-देन के लिए किया जा रहा था। फिलहाल, पुलिस ने इन सभी मामलों में साइबर क्राइम से जुड़ी धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है और इस विशाल नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।

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