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MP News: इंदौर कलेक्ट्रेट के करोड़पति बाबू के खाते उगल रहे करोड़ों रुपए, पूछताछ जारी

अपर कलेक्टर राजेश राठौर और उनकी टीम द्वारा अब तक की जांच में लगभग 5.67 करोड़ रपये का गबन सामने आया है। मिलाप ने इस धन से महू के जामली गांव में 26 हजार वर्गफीट का फार्म हाउस खरीदा।

By Narender SanwariyaEdited By: Narender SanwariyaPublished: Fri, 24 Mar 2023 01:13 AM (IST)Updated: Fri, 24 Mar 2023 01:13 AM (IST)
इंदौर कलेक्ट्रेट के करोड़पति बाबू के खाते उगल रहे करोड़ों रुपए

इंदौर, डिजिटल डेस्क। करोड़ों रुपये की हेराफेरी के मामले में इंदौर कलेक्ट्रेट के करोड़पति बाबू, उसके सहायक रणजीत और चपरासी अमित सहित 29 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस हेराफेरी उनकी पत्नी, साले और दोस्त भी शामिल है। जिनके बैंक खातों में पैसा जमा किया गया। संयुक्त कलेक्टर मुनीष सिंह ने सभी आरोपितों के खिलाफ रावजी बाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मुख्य आरोपित मिलाप को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उससे आगे की पूछताछ की जा रही है।

अपर कलेक्टर राजेश राठौर और उनकी टीम द्वारा अब तक की जांच में लगभग 5.67 करोड़ रपये का गबन सामने आया है। मिलाप ने इस धन से महू के जामली गांव में 26 हजार वर्गफीट का फार्म हाउस खरीदा। इसके लिए सीधे सरकारी खजाने से भी कुछ राशि का भुगतान कर दिया। यह फार्म हाउस करीब डेढ़ करोड़ रुपये का है।

कलेक्टर राजा टी के आदेश पर अपर कलेक्टर राठौर मामले की जांच कर रहे हैं। इसमें संयुक्त कलेक्टर सिकरवार, जिला कोषालय अधिकारी टीएस बघेल, तहसीलदार सत्येंद्र सिंह, नायब तहसीलदार नीरज प्रजापति, सहायक कोषालय अधिकारी मनोज वर्मा, नेहा गोयल सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।

गुरवार को भी मुख्य आरोपित मिलाप और उसकी दो-तीन महिला मित्रों को पूछताछ की गई। उसके साले अतुल चौहान से भी अधिकारियों ने पूछताछ की। पूछताछ में मिलाप ने कई बातें छिपाने की कोशिश की, लेकिन बाद में उसने धीरे-धीरे कई राज खोले।

बहरहाल अब भी आशंका है कि गबन की राशि का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ बाबू मिलाप चौहान 12वीं पास है। उसने लेखा अफसरों की अनदेखी का फायदा उठाया और हितग्राही मूलक योजना के वापस आने वाले पैसे में सेंधमारी कर दी। इतना ही नहीं उसने ये पैसा अपनी पत्नी के खाते में भी ट्रांसफर कर दिए।

यह खेल लम्बे समय तक जारी रहा। मिलाप चौहान ने इसके लिए लगभग 28 खातों में पैसे जमा कराए, जिसका आंकड़ा 5 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। उसने इस पैसों से कई सम्पत्ति भी खरीदीं। लेकिन अब यह पैसा कैसे वापस आएगा? पुलिस के लिए यह बड़ा सवाल है।


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