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सीवर बना मौत का कुआं : इंदौर में चैंबर की सफाई करने उतरे दो सफाईकर्मियों की दम घुटने से मौत, एक बेसुध हुआ

Published: Mon, 02 Mar 2026 07:40 PM (IST)Updated: Mon, 02 Mar 2026 08:12 PM (IST)

इंदौर में चोइथराम सब्जी मंडी के पास सीवर चैंबर में जहरीली गैस से दो सफाईकर्मियों की मौत हो गई, जबकि ...और पढ़ें

सीवर चैंबर में उतरे दो सफाईकर्मियों की मौत।

सीवर चैंबर में उतरे दो सफाईकर्मियों की मौत।

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डिजिटल डेस्क, इंदौर। शहर में नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़ा करने वाला एक और दर्दनाक हादसा सामने आया है। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र स्थित चोइथराम सब्जी मंडी गेट के सामने सोमवार शाम सीवर चैंबर में उतरे दो कर्मचारियों की जहरीली गैस से दम घुटने के कारण मौत हो गई, जबकि एक अन्य कर्मचारी बेहोश हो गया।

जानकारी के अनुसार, नगर निगम से जुड़े कर्मचारी डिवाटरिंग टैंकर के माध्यम से सीवेज खाली करने पहुंचे थे। इसी दौरान टैंकर के पाइप का एक हिस्सा सीवर चैंबर में गिर गया। पाइप का टुकड़ा निकालने के लिए एक कर्मचारी चैंबर में उतरा, लेकिन जहरीली गैस के कारण वह बेहोश होने लगा। उसे बचाने के लिए दूसरा कर्मचारी भी नीचे उतर गया, जहां दोनों गैस की चपेट में आ गए और दम घुटने से उनकी मौत हो गई।

मृतकों की पहचान अजय यादव और करण के रूप में हुई है, जो आउटसोर्स कंपनी प्राइम वन से जुड़े बताए जा रहे हैं। वहीं तीसरा कर्मचारी, जो उन्हें बचाने के लिए उतरा था, बेहोश हो गया, जिसे इलाज के लिए चोइथराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद दोनों के शव बाहर निकाले जा सके। एक अन्य कर्मचारी अजय डोडिया के भी मौके पर होने की बात सामने आई है, जिसकी जानकारी स्पष्ट नहीं हो सकी है। 

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नगर निगम ने पल्ला झाड़ा

इधर, नगर निगम ने इस मामले में जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि कर्मचारी बिना सूचना और बिना आवश्यक संसाधनों के चेंबर में उतरे थे, जबकि वहां सफाई की कोई जरूरत नहीं थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

इस कारण जानलेवा होते हैं सीवर टैंक

जहरीली गैसें : सड़ते कचरे से बनी हाइड्रोजन सल्फाइड, मीथेन व अमोनिया तेजी से बेहोशी और मौत का कारण बन सकती हैं।
ऑक्सीजन की कमी: बंद टैंक में आक्सीजन घटने से कुछ ही मिनटों में चक्कर, घबराहट और बेहोशी होती है।
मीथेन का खतरा : यह ज्वलनशील गैस है, जिससे दम घुटने के साथ आग/विस्फोट का जोखिम भी रहता है।
खतरे का आभास नहीं : कई गैसें बिना गंध की होती हैं, इसलिए समय रहते पता नहीं चलता।
सुरक्षा अनिवार्य : गैस डिटेक्टर, आक्सीजन मास्क और सेफ्टी बेल्ट के बिना उतरना बेहद खतरनाक है।
सख्त नियम : मैनुअल स्कैवेंजिंग प्रतिबंधित है, सीवर में प्रवेश केवल आपात स्थिति में ही अनुमति योग्य है।