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देवास में पेंशन कार्ड अपडेट के नाम पर रिटायर्ड LIC अधिकारी से 6 लाख की ठगी, जामताड़ा कनेक्शन आया सामने

Published: Tue, 13 Oct 2026 07:04 PM (IST)

देवास में एक सेवानिवृत्त एलआईसी अधिकारी से पेंशन कार्ड अपडेट के नाम पर 6.03 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई। ...और पढ़ें

पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार किया।

HighLights

  1. देवास में सेवानिवृत्त एलआईसी अधिकारी से 6.03 लाख की ठगी।

  2. पेंशन कार्ड अपडेट के बहाने बैंक अधिकारी बनकर किया फ्रॉड।

  3. पुलिस ने आरोपी सचिन पासवान को गिरफ्तार कर 5 लाख जब्त किए।

डिजिटल डेस्क, देवास। पेंशन कार्ड अपडेट करने और टैक्स में भारी छूट दिलाने का लालच देकर एलआईसी के सेवानिवृत्त अधिकारी से 6.03 लाख रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में देवास पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस ने 21 वर्षीय आरोपित सचिन कुमार पासवान को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर पांच लाख रुपये नकद जब्त किए हैं।

मामले की जांच में ठगी की रकम केरल के बैंक खाते में ट्रांसफर होने और पश्चिम बंगाल में एटीएम के जरिए निकाले जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब इस मामले में अंतरराज्यीय साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

बैंक अधिकारी बनकर दिया ठगी को अंजाम

पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत के मुताबिक, कोतवाली थाना क्षेत्र निवासी 62 वर्षीय मनोहर लाल सिलोदिया एलआईसी से सेवानिवृत्त हैं। आरोपितों ने उन्हें बैंक अधिकारी बनकर संपर्क किया और पेंशन कार्ड अपडेट करने के साथ टैक्स में बड़ी छूट दिलाने का भरोसा दिया। इसी झांसे में लेकर उनके खाते से 6 लाख 3 हजार रुपये निकाल लिए गए।

शिकायत मिलने के बाद ई-जीरो एफआईआर दर्ज की गई। कोतवाली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों में हुए लेनदेन की पड़ताल के बाद पुलिस आरोपित तक पहुंची।

केरल के खाते से बंगाल में निकाली गई रकम

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम अलग-अलग राज्यों के बैंक खातों के माध्यम से आगे बढ़ाई गई थी। रकम केरल के एक बैंक खाते में पहुंची और फिर पश्चिम बंगाल में एटीएम के जरिए निकाली गई। गिरफ्तार आरोपित की पहचान सचिन कुमार पासवान (21), निवासी खुदनापसपुर, थाना रौतारा, जिला कटिहार, बिहार के रूप में हुई है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर पांच लाख रुपये नकद जब्त किए हैं।

मामले में जामताड़ा से गिरफ्तारी और वहां से जुड़े नेटवर्क की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है। पुलिस अन्य संदिग्धों, बैंक खातों और ठगी की रकम के पूरे लेनदेन का पता लगाने में जुटी है।

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साइबर ठगी के खिलाफ अभियान में 26 गिरफ्तार

एसपी पुनीत गेहलोत ने बताया कि जिले में ऑपरेशन साइबर और ई-जीरो एफआईआर के तहत साइबर अपराधों पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, अब तक 130 ई-जीरो एफआईआर के मामलों में 26 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक:

  • 98.52 लाख रुपये से अधिक की राशि जब्त की गई है।
  • 3.89 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की रकम जिले के आवेदकों को वापस कराई गई है।
  • 5.27 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध राशि विभिन्न बैंक खातों में होल्ड कराई गई है।

इस कार्रवाई में कोतवाली टीआई शशिकांत चौरसिया, एसआई सचिन सोनगरा, एसआई डीके त्यागी समेत अन्य पुलिसकर्मियों और साइबर सेल की टीम की भूमिका रही।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि पेंशन, बैंक खाते या टैक्स में छूट के नाम पर फोन करने वाले अनजान लोगों को बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या लेनदेन की स्थिति में तुरंत संबंधित बैंक और साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।