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देवास के जंगल में मिला तेंदुए का शव, रेडियो कॉलर से हो रही थी निगरानी; दो दिन से थम गया था मूवमेंट

Published: Sun, 04 Oct 2026 08:50 PM (IST)

देवास के कांटाफोड़ वन परिक्षेत्र में रेडियो कॉलर वाले एक तेंदुए का शव मिला है, जिसकी लोकेशन दो दिन से ...और पढ़ें

घटनास्थल पर तेंदुए के शव की जांच करते अधिकारी। ।सौजन्य- वन विभाग)

घटनास्थल पर तेंदुए के शव की जांच करते अधिकारी। ।सौजन्य- वन विभाग) 

HighLights

  1. देवास के कांटाफोड़ वन में मिला तेंदुए का शव।

  2. रेडियो कॉलर से निगरानी, दो दिन से स्थिर थी लोकेशन।

  3. प्राथमिक जांच में प्राकृतिक मौत की आशंका, अंग सुरक्षित।

डिजिटल डेस्क, देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले के कांटाफोड़ वन परिक्षेत्र में एक कॉलर्ड तेंदुए की मौत का मामला सामने आया है। तेंदुआ खंडवा के वन क्षेत्र से घूमते हुए देवास पहुंचा था और पिछले दो दिनों से उसकी लोकेशन एक ही जगह पर मिल रही थी। शनिवार रात मूवमेंट नहीं मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो तेंदुआ मृत अवस्था में मिला।

तेंदुए के गले में रेडियो कॉलर लगा हुआ था, जिसके जरिए वन विभाग उसकी लगातार निगरानी कर रहा था। प्रारंभिक जांच में शव पर किसी तरह के संघर्ष या चोट के निशान नहीं मिले। सभी अंग भी सुरक्षित पाए गए हैं।

दो दिन से एक ही जगह मिल रही थी लोकेशन

एसडीओ विकास माहोरे के मुताबिक, कांटाफोड़ वन परिक्षेत्र की कानडा दक्षिण-पूर्व बीट के कक्ष क्रमांक 444 में तेंदुए की लोकेशन लगातार एक ही स्थान पर आ रही थी। रेडियो कॉलर के कारण विभाग उसकी गतिविधियों को ट्रैक कर रहा था।

जब लगातार दो दिन तक तेंदुए की लोकेशन में कोई बदलाव नहीं हुआ तो शनिवार रात बीट गार्ड को मौके पर भेजा गया। वहां तेंदुआ मृत मिला।

न चोट के निशान, न संघर्ष के सबूत

वन विभाग के अनुसार, तेंदुए के शव की प्राथमिक जांच में न तो किसी बाहरी चोट के निशान मिले और न ही संघर्ष के संकेत दिखाई दिए। उसके शरीर के सभी अंग सुरक्षित थे।

अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया तेंदुए की मौत बीमारी अथवा प्राकृतिक कारणों से होने की आशंका है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

डॉग स्क्वाड ने घटनास्थल पर की छानबीन

तेंदुए की मौत की सूचना के बाद वन विभाग ने एनटीसीए, नई दिल्ली और मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक, मध्य प्रदेश के दिशा-निर्देशों के अनुसार घटनास्थल को सुरक्षित किया।

इसके बाद डॉग स्क्वाड की मदद से घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र की जांच की गई। वन विभाग की टीम ने मौत से जुड़े संभावित कारणों और किसी बाहरी हस्तक्षेप की संभावना को भी जांच के दायरे में रखा।

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पोस्टमार्टम के बाद किया गया अंतिम संस्कार

तेंदुए का पोस्टमार्टम स्थानीय पशु चिकित्सकों और वन्यजीव विशेषज्ञों की मौजूदगी में कराया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार तेंदुए का दाह संस्कार कर दिया गया।

वन विभाग अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से मिलने वाले तथ्यों के आधार पर तेंदुए की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाएगा।