MP में आदिवासियों को बड़ी राहत : वनाधिकार पट्टों की रजिस्ट्री कराएगी सरकार, पूरा खर्च भी उठाएगी
मध्य प्रदेश सरकार आदिवासियों के वनाधिकार पट्टों की रजिस्ट्री कराएगी, जिसका पूरा खर्च राज्य वहन करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ...और पढ़ें

जनजातीय सम्मेलन को संबोधित करते सीएम डॉ. मोहन यादव।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, इंदौर। आदिवासियों को बड़ी राहत देते हुए मध्य प्रदेश सरकार उनके नाम वनाधिकार पट्टों की रजिस्ट्री कराएगी। इसकी घोषणा रविवार को बुरहानपुर जिले के नेपानगर में आयोजित जनजातीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। उन्होंने कहा कि पट्टों की रजिस्ट्री होने से आदिवासी जमीन के पूर्ण मालिक बन जाएंगे। रजिस्ट्री में परिवार के सदस्यों के नाम भी जोड़े जाएंगे और इस पर होने वाला पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
निमाड़ में उद्योगों के लिए इन्वेस्टर्स समिट
सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने निमाड़ क्षेत्र के औद्योगिक विकास की भी घोषणा की। कहा कि जल्द ही इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करके बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन और बड़वानी में नए उद्योग स्थापित होने का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 363 करोड़ 82 लाख रुपये लागत के 127 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया।
कांग्रेस पर साधा निशाना
इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधा। कहा कि भाजपा की सरकार बेहतर सुविधाओं वाले सांदीपनी स्कूल खोल रही है। जबकि कांग्रेस के समय में तो स्कूलों में बच्चों को टाट-पट्टी भी नहीं मिलती थी। अब पहली से आठवीं कक्षा तक के प्रत्येक विद्यार्थी को दूध के पैकेट दिए जाएंगे, ताकि हर घर में गोपाल बनें। कांग्रेस के समय तो बच्चों को शुद्ध पानी तक नसीब नहीं था। उन्होंने कहा, कांग्रेसियों ने पहले कहा कि चुनाव समाप्त अब लाड़ली बहनों के खाते में राशि नहीं आएगी। अब कह रहे हैं कि उन्हें पैसा मत दो, वे शराब पी जाती हैं। आने वाले 2028 के चुनाव में लाड़ली बहनें दो बार बटन दबाकर कांग्रेसियों को फिर सबक सिखाएंगी।
मुख्यमंत्री बोले- तेल व गैस की कोई कमी नहीं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्तमान में खाड़ी युद्ध के समय भी देश में तेल और गैस की कोई कमी नहीं है। ईरान के रक्षामंत्री तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ कर रहे हैं। कांग्रेसियों को इसमें भी कष्ट है। राहुल गांधी ऐसे समय भी राजनीति कर रहे हैं। वे इसी तरह राजनीति करते रहे तो 50 साल और सत्ता से बाहर रहेंगे।
यह भी पढ़ें- ग्लोबल संकट के बीच राहुल गांधी के बयान पर भड़के सीएम मोहन यादव, कांग्रेस को दी 'देशहित' में राजनीति करने की सलाह
रूस-यूक्रेन युद्ध के समय भी कांग्रेसियों ने सवाल उठाए थे, लेकिन भारत के बच्चे जब वहां से हाथ में तिरंगा लेकर निकले, तो दोनों देशों की सेनाओं ने अपने हथियार नीचे कर लिए और वे सकुशल भारत लौट आए। यह हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ताकत है, लेकिन भारत में जब चुनौती होती है, तब-तब राहुल गांधी विदेश में मौज उड़ाते हैं। कांग्रेसी भी अपने नेता से परेशान हैं।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।