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आयुष्मान योजना: इंदौर-जबलपुर समेत MP के 65 अस्पतालों पर कार्रवाई, इलाज से पहले चेक करें पूरी लिस्ट

Published: Fri, 09 Oct 2026 10:01 PM (GMT+05:30)

मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के नियमों का पालन न करने पर 65 अस्पतालों पर कार्रवाई हुई है। इनमें ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. मध्य प्रदेश में 65 अस्पतालों पर आयुष्मान योजना के तहत कार्रवाई।

  2. इंदौर और जबलपुर के कई अस्पताल योजना से बाहर।

  3. एनएबीएच मान्यता नियमों का पालन न करने पर हुई कार्रवाई।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। आयुष्मान भारत योजना के नियमों का पालन नहीं करने वाले मध्य प्रदेश के 65 अस्पतालों पर कार्रवाई की गई है। इनमें इंदौर के 17 और जबलपुर के सात निजी अस्पताल शामिल हैं। अस्पतालों पर यह कार्रवाई नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स (एनएबीएच) की मान्यता से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने के कारण की गई है। आठ अक्टूबर को दीनदयाल स्वास्थ्य सुरक्षा परिषद की राज्य इम्पैनलमेंट कमेटी की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया।

इंदौर के 17 अस्पताल योजना की सूची से हटाए गए

आयुष्मान भारत योजना के तहत इंदौर में पहले 91 अस्पताल मरीजों को उपचार की सुविधा दे रहे थे। इनमें से 17 अस्पतालों को एनएबीएच मान्यता संबंधी शर्तें पूरी नहीं करने के कारण सूची से बाहर कर दिया गया है। इसके बाद अब शहर के 74 अस्पतालों में ही आयुष्मान योजना के तहत इलाज की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

बताया गया है कि कुछ अस्पतालों के पास एनएबीएच की एंट्री-लेवल मान्यता थी, जिसकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। वहीं, कुछ अस्पतालों ने निर्धारित मान्यता प्राप्त ही नहीं की थी। नए नियमों के तहत अस्पतालों के लिए एनएबीएच एंट्री-लेवल सर्टिफिकेट अनिवार्य किया गया है।

इंदौर के इन अस्पतालों के नाम सूची से हटे

एनएबीएच मान्यता संबंधी नियमों का पालन नहीं करने पर इंदौर के निम्न अस्पतालों को आयुष्मान योजना की सूची से बाहर किया गया है—

चोइथराम नेत्रालय
पीएटी अस्पताल
लक्ष्मी मेमोरियल
दृश्य अस्पताल
मेकरेटिना
गुरुजी सेवा न्यास
एमएस एनर्जी
बांठिया अस्पताल
एमएम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर
वर्मा यूनियन हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड
खंडेलवाल अस्पताल
मोहक हाईटेक स्पेशियलिटी
गीता भवन अस्पताल
सेवाकुंज
मेडिस्टा
आर्थोस क्लिनिक
मेवाड़ा अस्पताल

जबलपुर के सात निजी अस्पताल भी सूची से बाहर

भोपाल में आयुष्मान भारत निरामयम मध्य प्रदेश की उच्चस्तरीय बैठक के बाद प्रदेश के निजी अस्पतालों के लिए एनएबीएच मान्यता संबंधी नियमों का पालन अनिवार्य किए जाने पर जोर दिया गया। कार्रवाई के दायरे में जबलपुर के सात निजी अस्पताल भी शामिल हैं।

इनमें नेशनल अस्पताल, पीजी मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल, मोहनलाल हरगोविंददास पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल, समर्थ श्री मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल, सिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, गोलछा अस्पताल और जेके अस्पताल के नाम बताए गए हैं।

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मरीज इलाज कराने से पहले करें पुष्टि

आयुष्मान योजना के लाभार्थियों के लिए अस्पताल की सूची में बदलाव महत्वपूर्ण है। योजना के तहत इलाज कराने जाने से पहले मरीजों और उनके परिजनों को संबंधित अस्पताल में आयुष्मान कार्ड की सुविधा उपलब्ध होने की पुष्टि कर लेनी चाहिए, ताकि अस्पताल पहुंचने के बाद परेशानी का सामना न करना पड़े।