विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

खरगोन में 6 साल की बच्ची को कुत्तों ने नोंच डाला, चेहरे-सिर पर गहरे जख्म; घर के बाहर खेल रही थी मासूम

Published: Thu, 17 Sep 2026 09:19 PM (IST)

खरगोन के बमनाला में आवारा कुत्तों के झुंड ने 6 साल की मासूम नायरा पर हमला कर उसे गंभीर रूप ...और पढ़ें

अस्पताल में भर्ती घायल बच्ची।

अस्पताल में भर्ती घायल बच्ची।

HighLights

  1. खरगोन के बमनाला में कुत्तों ने बच्ची पर हमला किया।

  2. 6 साल की नायरा के चेहरे और सिर पर गहरे जख्म।

  3. इसी क्षेत्र में पांच अन्य लोग भी कुत्तों के शिकार।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। प्रदेश के खरगोन जिले के बमनाला क्षेत्र में आवारा कुत्तों के झुंड ने छह साल की मासूम बच्ची पर हमला कर दिया। घर के बाहर खेल रही नायरा को कुत्तों ने बुरी तरह नोंच डाला। हमले में बच्ची के चेहरे, सिर समेत शरीर के कई हिस्सों पर गहरे घाव हुए हैं। गंभीर हालत में उसे खरगोन जिला अस्पताल के पीआईसीयू में भर्ती कराया गया है। इसी क्षेत्र में कुत्तों ने पांच अन्य लोगों को भी काटकर घायल किया है।

चीख सुनकर पहुंचे स्वजन

परिजनों के मुताबिक, नायरा पिता गोकुल घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान अचानक आवारा कुत्तों का झुंड उस पर टूट पड़ा। बच्ची के चीखने की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे। लोगों ने किसी तरह कुत्तों को भगाकर बच्ची को उनके चंगुल से छुड़ाया।

हमले के बाद परिजन उसे तत्काल खरगोन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद हालत गंभीर देखते हुए बच्ची को पीआईसीयू में भर्ती किया। चिकित्सकों के अनुसार उसके चेहरे, सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे जख्म हैं। अस्पताल में उसका उपचार जारी है।

मां-बेटी समेत पांच अन्य लोगों को भी काटा

बमनाला क्षेत्र में इसी दौरान कुत्तों ने पांच अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया। घायलों में सानू (19) पत्नी सचिन पोई, उनकी डेढ़ वर्षीय बेटी वेदिका, नीमखेड़ी निवासी मास्टरया पटेल (60), बमनाला की पांच वर्षीय राजनंदिनी और शिव पिता श्रीराम पोई शामिल हैं।

सभी घायलों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार किया गया। चिकित्सक डॉ. बादल महाजन ने घायलों का इलाज किया।

यह भी पढ़ें- MP के सांवेर में जर्जर इमारत बनी काल: दीवार ढहने से 4 महिला श्रमिकों की मौत, 3 घायल

लगातार घटनाओं से लोगों में नाराजगी

एक ही क्षेत्र में कई लोगों पर कुत्तों के हमले के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने के बावजूद उन्हें नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र में अभियान चलाकर आवारा कुत्तों के आतंक से राहत दिलाने और घायल बच्ची के परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों और रिहायशी इलाकों में आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने की व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।