विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कूनो में मृत मिले भारत में जन्मी चीता के चार शावक, जंगली जानवर के हमले की आशंका

Published: Tue, 12 May 2026 05:54 PM (IST)Updated: Tue, 12 May 2026 08:16 PM (IST)

कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता केजीपी-12 के चार शावकों की मौत हो गई है। माना जा रहा है कि ...और पढ़ें

कूनो में चीता शावक अपनी मां के साथ, जिनकी मौत हो गई (फाइल फोटो : पार्क प्रबंधन)

कूनो में चीता शावक अपनी मां के साथ, जिनकी मौत हो गई (फाइल फोटो : पार्क प्रबंधन)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में चार चीता शावकों के शव मंगलवार सुबह मांद (रहवास) के पास मिले हैं। दक्षिण अफ्रीका से लाई गई चीता गामिनी से जन्मी चीता (केजीपी-12) ने 11 अप्रैल को खुले जंगल में इन शावकों को जन्म दिया था।

कूनो प्रबंधन के अनुसार सोमवार शाम किसी हिंसक जानवर के हमले में एक माह के इन शावकों की मौत होने की आशंका है। इस जंगल में तेंदुआ, भालू, लकड़बग्घा सहित कई जंगली जानवर हैं। राजस्थान के रणथंभौर अभयारण्य का बाघ भी यहां विचरण करता देखा गया है।

घटा चीतों का कुनबा

इन चार मौतों के साथ अब मध्य प्रदेश में शावकों सहित चीतों की संख्या 53 रह गई है। इनमें से कूनो नेशनल पार्क में 50 चीते और मंदसौर के गांधीसागर राष्ट्रीय अभयारण्य में तीन चीते मौजूद हैं। इनमें भारत की धरती पर जन्मे 33 शावक शामिल हैं।

KNP 25695

गश्त के दौरान मृत मिले 

मंगलवार की सुबह कूनो की टीम को गश्त के दौरान चारों शावक मृत अवस्था में मिले। मादा चीता केजीपी-12 स्वस्थ बताई जा रही है। चीता और उसके शावक कूनो टीम की निगरानी में खुले जंगल में ही मांद में रह रहे थे। इससे पहले गर्भवती चीता को प्रसव से पहले ही बड़े बाड़े में शिफ्ट कर दिया जाता था, ताकि वह हिंसक जानवरों से सुरक्षित रहें। साथ ही, मां चीता अन्य चीतों से भी दूर रखकर शावकों की देखभाल कर सके।

इस बार जंगल में ही जन्मे इन शावकों को वहीं प्राकृतिक माहौल में पलने-बढ़ने का अवसर दिया गया था। संभवतः यही निर्णय शावकों पर भारी पड़ा। शावकों के शवों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इसकी रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।

यह भी पढ़ें- कूनो में चीता मिशन का नया अध्याय : बोत्सवाना से लाए दो चीतों को CM मोहन ने खुले जंगल में छोड़ा

बाड़े में भी मृत मिल चुके हैं शावक

इससे पहले विशेष बाड़ों में ही चीतों का प्रसव हुआ है, हालांकि वहां भी नवजात शावकों की मौत के मामले सामने आते रहे हैं। भीषण गर्मी से ज्वाला के शावकों की मौत हुई थी। निर्वा के शावकों के शव क्षत-विक्षत मिले थे। हिंसक जानवर के हमले या आपसी टकराव में भी चीतों की मौत हो चुकी है।