कूनो में चीता मिशन का नया अध्याय : बोत्सवाना से लाए दो चीतों को CM मोहन ने खुले जंगल में छोड़ा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से लाई गई दो मादा चीतों को क्वारंटाइन बाड़े से ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चीते को खुले जंगल में छोड़ा।

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डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीता पुनर्वास परियोजना ने सोमवार को एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बोत्सवाना से लाई गई दो मादा चीता को क्वारंटाइन बाड़े से मुक्त कर खुले जंगल में छोड़ दिया। इसके साथ ही कूनो में अब दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और बोत्सवाना से लाई गई चीता प्रजातियां एक साथ विचरण करती नजर आएंगी।
मुख्यमंत्री ने जिन दोनों चीतों को जंगल में छोड़ा, उन्हें सीसीवी-2 और सीसीवी-3 नाम दिया गया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश वन्यजीव संरक्षण और जेनेटिक जैव विविधता के क्षेत्र में नया इतिहास रच रहा है। अलग-अलग देशों से आए चीतों के कारण कूनो में बेहतर प्रजनन और मजबूत जैव विविधता विकसित होने की संभावना बढ़ी है, जिससे चीतों की स्वस्थ और दीर्घकालिक आबादी तैयार करने में मदद मिलेगी।
तीन चरणों में कूनो पहुंचे चीते
चीता पुनर्वास परियोजना के तहत पहले चरण में दक्षिण अफ्रीका से आठ चीते कूनो लाए गए थे। इसके बाद दूसरे चरण में नामीबिया से 12 और तीसरे चरण में बोत्सवाना से नौ चीते यहां पहुंचे। अब इन चीतों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है और कूनो उनका नया प्राकृतिक आवास बनता जा रहा है।
राजस्थान तक विचरण कर रहे चीते
मुख्यमंत्री ने कहा कि चीतों का दायरा अब लगभग पांच हजार वर्ग किलोमीटर तक फैल चुका है। कई बार कूनो से चीते दौड़ते-दौड़ते राजस्थान तक पहुंच जाते हैं। चंबल अंचल के ग्वालियर, शिवपुरी और राजगढ़ समेत कई इलाकों में उनकी मौजूदगी दर्ज की जा रही है, जो परियोजना की सफलता का संकेत है।
कार्यक्रम में प्रदेश के नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला और मध्य प्रदेश वन विकास निगम के अध्यक्ष रामनिवास रावत सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
चीता प्रोजेक्ट पर एक नजर
- 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए आठ चीते।
- 18 फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 12 चीते।
- 28 फरवरी 2026 को बोत्सवाना से लाए गए नौ चीते।
- 57 चीते हैं भारत में शावकों को मिलाकर, इनमें तीन गांधीसागर अभयारण्य में।
- 26 चीते शावकों सहित कूनो के बाड़ों में हैं।
- 28 चीते कूनो के खुले जंगल में विचरण कर रहे।
