विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

रणथंभौर में विचरण कर रहे चीता केएपी-12 को ट्रैंकुलाइज कर वापस लाए कूनो, कई दिनों से आबादी क्षेत्र में मिल रही थी लोकेशन

Published: Fri, 08 May 2026 07:27 PM (IST)

कूनो नेशनल पार्क से भटककर राजस्थान के रणथंभौर पहुंचा नर चीता केएपी-12 को वन विभाग रेस्क्यू कर सुरक्षित वापस कूनो ...और पढ़ें

नर चीता केएपी-12 को बेहोश करने के बाद हेल्थ चेकअप करती हुई कूनो नेशनल पार्क की टीम। (सौजन्य- पार्क प्रबंधन)

नर चीता केएपी-12 को बेहोश करने के बाद हेल्थ चेकअप करती हुई कूनो नेशनल पार्क की टीम। (सौजन्य- पार्क प्रबंधन)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। कूनो नेशनल पार्क से भटककर राजस्थान पहुंचा नर चीता केएपी-12 आखिरकार वन विभाग की टीम के कब्जे में आ गया। गुरुवार को कूनो प्रबंधन ने राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में रणथंभौर नेशनल पार्क की सीमा से लगे एक गांव से चीते को ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित वापस कूनो लाया।

पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी सीसीएफ उत्तम शर्मा ने की। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक चीता पूरी तरह सुरक्षित है और उसकी स्वास्थ्य स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

खुले जंगल से निकलकर पहुंच गया था राजस्थान

जानकारी के अनुसार, नर चीता केएपी-12 को पिछले वर्ष 5 फरवरी को कूनो के खुले जंगल में छोड़ा गया था। कुछ समय बाद वह रिजर्व क्षेत्र से बाहर निकल गया और धीरे-धीरे राजस्थान के सवाई माधोपुर इलाके तक पहुंच गया।

पिछले कई दिनों से उसकी लोकेशन रणथंभौर नेशनल पार्क और उससे लगे ग्रामीण क्षेत्रों में मिल रही थी। बीते चार दिनों से चीता लगातार इंसानी बस्तियों के करीब घूम रहा था, जिससे मानव-चीता संघर्ष की आशंका बढ़ गई थी।

स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और विशेषज्ञ टीम की मदद से उसे बेहोश कर सुरक्षित कूनो वापस ले जाया गया।

दो दिन पहले केएपी-13 को भी लाया गया था वापस

गौरतलब है कि इससे पहले कूनो की टीम ने राजस्थान के झालावाड़ और राजगढ़ सीमा क्षेत्र से नर चीता केएपी-13 को भी ट्रैंकुलाइज कर वापस लाया था। अब वन विभाग की नजर ग्वालियर के घाटीगांव क्षेत्र में घूम रहे चीता केएपी-1 पर है। संभावना जताई जा रही है कि उसे भी जल्द पकड़कर कूनो नेशनल पार्क वापस लाया जा सकता है।

यह भी पढ़ें- कूनो की सरहद लांघ 250 किमी दूर तक विचरण कर रहे चीते, वन विभाग की चिंता बढ़ी, निगरानी व सुरक्षा की चुनौती