'मेरे साथ घूमो...' शिवपुरी में सांदीपनि स्कूल प्राचार्य ने महिला शिक्षक को दिया अभद्र प्रस्ताव, थाने जाने की बात पर पैर छूकर मांगी माफी
शिवपुरी के कोलारस स्थित सांदीपनि स्कूल के प्राचार्य राकेश कुलश्रेष्ठ पर एक महिला अतिथि शिक्षक को अभद्र प्रस्ताव देने का ...और पढ़ें

बहुप्रसारित हो रहे वीडियो में दिख रहे प्राचार्य राकेश कुलश्रेष्ठ। (वीडियो ग्रैब)
HighLights
प्राचार्य पर महिला शिक्षक को अभद्र प्रस्ताव देने का आरोप।
पुलिस शिकायत की धमकी पर प्राचार्य ने पैर छूकर मांगी माफी।
घटना का वीडियो वायरल, शिक्षिका को नौकरी छोड़नी पड़ी।
डिजिटल डेस्क, शिवपुरी। सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने के लिए बनाए गए सीएम राइज स्कूल का मकसद था, शिक्षा का राइज, लेकिन कोलारस के सीएम राइज/सांदीपनी स्कूल में कुर्सी पर बैठे प्राचार्य ने ही शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाला कृत्य किया है, जिसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हुआ है।
स्कूल के प्राचार्य राकेश कुलश्रेष्ठ पर आरोप है कि उन्होंने अतिथि महिला शिक्षक को प्रस्ताव दिया कि अपने फ्री पीरियड में मेरे साथ बाहर घूमो। वीडियो में आरोप लगा रही महिला शिक्षिका बेहद स्पष्ट शब्दों में कह रही है कि आपने यह एक बार नहीं तीन बार कहा था। हालांकि यह वीडियो कुछ समय पुराना बताया जा रहा है, जो अब बहुप्रसारित हुआ है।
छोड़नी पड़ी नौकरी
स्कूल के विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो यह कोई फिसली हुई जुबान नहीं, बल्कि सोचा-समझा दबाव था। आरोप है कि प्राचार्य राकेश कुलश्रेष्ठ शिक्षिकाओं को अकेले में बुलाकर खाली पीरियड का गलत इस्तेमाल करने का दबाव बनाते थे। लगातार की जा रही अशोभनीय टिप्पणियों और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर एक महिला शिक्षक ने खुलकर विरोध कर दिया। इसके बाद उसे स्कूल से नौकरी छोड़कर जाने को मजबूर होना पड़ गया।
थाने की धमकी देने पर मांगी माफी
इस पूरे मामले स्कूल में ही हंगामा हुआ और शिक्षिका ने साफ कहा, अब मैं थाने जाऊंगी। थाने की धमकी सुनते ही प्राचार्य ने महिला शिक्षक के पैर छूकर माफी भी मांगी। वीडियो ने पूरे मामले की पोल खोल दी है। कोलारस में अब एक ही सवाल है, अगर प्रस्ताव नहीं दिया था, तो पैर क्यों छूने पड़े? माफी किस गुनाह की?
'मैंने अपने बयान पलटकर आपको बचाया था'
बहुप्रसारित वीडियो में शिक्षिका एक अन्य शिक्षिका का नाम लेते हुए यह भी कह रही है कि सर, मैंने महिला बाल विकास में अपने बयान पलट कर आपको बचाया है। मैंने वहां जाकर नहीं बताया कि वह मेरे आगे रोई थीं। इसके साथ ही महिला शिक्षिका वीडियो में इस बात की भी गारंटी मांग रही है कि, इस स्कूल में आज के बाद ऐसे कृत्य नहीं होने चाहिए।
प्राचार्य बोले- मैं निर्दोष, महिलाएं झूठी
इस पूरे मामले में प्राचार्य कुलश्रेष्ठ का कहना है कि मुझ पर लगे आरोप निराधार हैं। गलती उन दो महिलाओं की थी, जिन्होंने झूठे आरोप लगाए और अब नौकरी छोड़कर चली गई हैं।
हालांकि उनका यह बयान वीडियो के सामने बौना पड़ रहा है। लोग पूछ रहे हैं - अगर दो महिलाएं झूठी थीं और नौकरी छोड़कर चली गईं, तो आप वीडियो में किसके पैर पकड़ रहे हैं और क्यों?
