ग्वालियर में बैरिकेडिंग के बावजूद शीतला माता मंदिर तक कैसे पहुंचा ट्रक? Google Maps के शॉर्टकट रूट ने बढ़ाई जांच की उलझन
ग्वालियर में शीतला माता मंदिर मेले के दौरान हुए भीषण सड़क हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई और ...और पढ़ें

शीतला माता मंदिर के निकट हृदयविदारक हादसा।
HighLights
ग्वालियर मंदिर हादसे में 15 श्रद्धालुओं की दुखद मौत।
ट्रक गूगल मैप्स के शॉर्टकट से प्रतिबंधित मार्ग पर पहुंचा।
लापरवाही पर सीएसपी हटाए गए, आठ पुलिसकर्मी निलंबित।
डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के मेले के दौरान हुए भीषण सड़क हादसे को लेकर एक नई आशंका सामने आई है। खबरों के मुताबिक, धान से लदा ट्रक कथित तौर पर गूगल मैप्स पर सुझाए गए शॉर्टकट रास्ते से मंदिर की ओर पहुंचा था। इसी दौरान ढलान पर ट्रक के ब्रेक फेल होने की बात सामने आई और वाहन श्रद्धालुओं की भीड़ में जा घुसा। हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत हुई, जबकि 26 अन्य घायल हो गए। मृतकों में दो होमगार्ड जवान भी शामिल बताए गए हैं।
CSP रवि भदौरिया ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि ट्रक चालक और वाहन मालिक को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, ट्रक प्रतिबंधित मार्ग तक कैसे पहुंचा और हादसे की परिस्थितियां क्या थीं, इसकी जांच जारी है।
डबरा मंडी से आ रहा था ट्रक
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, ट्रक डबरा मंडी से धान लेकर आ रहा था। चालक इस इलाके से परिचित नहीं थे। ऐसे में आशंका जताई गई कि उन्होंने गूगल मैप्स पर लोकेशन देखकर शॉर्टकट रास्ता चुना, जो मंदिर की ओर जाता था। बताया गया कि इस मार्ग पर पहले भारी वाहनों की आवाजाही नहीं होती थी।
हालांकि, गूगल मैप्स के कारण ही ट्रक इस रास्ते पर पहुंचा था या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मंदिर से पहले ब्रेक फेल, भीड़ में घुसा ट्रक
सीएसपी रवि भदौरिया के अनुसार, मंदिर के पास पहुंचने से पहले ट्रक के ब्रेक फेल हो गए, जिसके बाद यह दर्दनाक हादसा हुआ। रविवार तड़के करीब 1:30 बजे दुर्घटना हुई, जब शारदीय नवरात्र मेले के कारण मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
ट्रक के भीड़ में घुसने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कई लोग इसकी चपेट में आ गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
रास्ते पर बैरिकेडिंग थी, फिर भारी वाहन कैसे पहुंचा?
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब मेले के दौरान मार्ग पर पार्किंग व्यवस्था, चेक प्वाइंट और बैरिकेडिंग मौजूद थी, तो भारी वाहन प्रतिबंधित हिस्से तक कैसे पहुंच गया।
पुलिस के मुताबिक, संबंधित रास्ता भारी वाहनों के लिए निर्धारित नहीं था। वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बात की जांच के आदेश दिए हैं कि ट्रक ने प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश कैसे किया और रास्ते में तैनात सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद उसे आगे बढ़ने से क्यों नहीं रोका जा सका।
हादसे की जांच जारी
फिलहाल ट्रक के ब्रेक फेल होने, उसके मंदिर तक पहुंचने के मार्ग और यातायात प्रतिबंधों के पालन जैसे पहलुओं की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी में गूगल मैप्स के जरिए छोटा रास्ता चुनने की आशंका भी जताई गई है, लेकिन इसे हादसे का पुष्ट कारण नहीं माना जा सकता।
सीएसपी हटाए गए, 8 पुलिसकर्मी निलंबित
इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस हादसे को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मामले में लापरवाही सामने आने पर संबंधित क्षेत्र के सीएसपी रवि भदौरिया को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, तीन थाना प्रभारियों समेत आठ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
