45,719 करोड़ के सहारा सोसाइटी धोखाधड़ी मामले में चेयरमैन गिरफ्तार, चार साल से था फरार; ग्वालियर पुलिस ने लखनऊ से दबोचा
सहारा इंडिया समूह से जुड़ी साहर्यन यूनिवर्सल मल्टीपर्पस कोऑपरेटिव सोसाइटी के चेयरमैन खालिद चौधरी को ग्वालियर पुलिस ने चार साल ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।
HighLights
सहारा सोसाइटी चेयरमैन खालिद चौधरी चार साल बाद गिरफ्तार।
45,719 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप, ग्वालियर पुलिस ने दबोचा।
उपभोक्ता आयोग में पेशी के बाद आंशिक भुगतान पर रिहा।
डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। 45 हजार 719 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े साहर्यन यूनिवर्सल मल्टीपर्पस कोऑपरेटिव सोसाइटी (सहारा इंडिया समूह से जुड़ी चार प्रमुख सहकारी समितियों में शामिल) के चेयरमैन खालिद चौधरी को ग्वालियर पुलिस की विशेष टीम ने चार साल बाद लखनऊ से गिरफ्तार किया।
पुलिस ने 29 सितंबर को सहारा टावर के पास शाम करीब 6:30 बजे घेराबंदी कर पकड़ा। उनके खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत के 20 से अधिक मामले दर्ज बताए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक खालिद चौधरी के खिलाफ न्यायालय और उपभोक्ता आयोग से कई बार जमानती और गैर-जमानती वारंट जारी हो चुके थे। इसके बावजूद वह वर्ष 2022 से फरार चल रहे थे। ग्वालियर में उनके खिलाफ करीब 14 मामले दर्ज हैं। इनमें मुरैना निवासी रितेश जैन से 15 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला भी शामिल है।
पुलिस के अनुसार साहर्यन यूनिवर्सल मल्टीपर्पस कोऑपरेटिव सोसाइटी, सहारा इंडिया समूह से जुड़ी चार प्रमुख सहकारी समितियों में शामिल थी। आरोप है कि वर्ष 2014 से 2022 के बीच आकर्षक ब्याज का भरोसा देकर देशभर के निवेशकों से करीब 45 हजार 719 करोड़ रुपये जमा कराए गए। ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों से भी करीब 500 करोड़ रुपये निवेश कराए जाने का दावा किया गया है।
परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद भुगतान नहीं होने पर निवेशकों ने शिकायतें दर्ज कराईं। पुलिस 30 सितंबर को खालिद चौधरी को ग्वालियर लेकर आई और रितेश जैन से जुड़े 15 लाख रुपये के मामले में उपभोक्ता आयोग के समक्ष पेश किया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी। इसके बाद खालिद चौधरी ने आयोग में डेढ़ लाख रुपये जमा किए और शेष राशि एक महीने में देने की बात कही। सुनवाई के बाद आयोग ने उन्हें छोड़ दिया।
