प्रयागराज विवाद : जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने किया योगी सरकार का बचाव, बोले- 'अविमुक्तेश्वरानंद के साथ नहीं हुआ अन्याय, बल्कि उन्होंने किया'
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने प्रयागराज विवाद पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद के साथ अन्याय नहीं हुआ, ...और पढ़ें

ग्वालियर में मीडिया से चर्चा करते जगद्गुरु रामभद्राचार्य।

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डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन विवाद को लेकर ग्वालियर में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि अन्याय उनके (स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद) साथ नहीं हुआ, बल्कि अन्याय तो उन्होंने किया है। अविमुक्तेश्वरानंद अभी जगद्गुरु ही नहीं बने हैं। गंगा तट तक रथ से नहीं जाया जाता है। गंगा स्नान के लिए पैदल ही जाया जाता है। मैं भी संगम में पैदल ही जाता हूं।
रामभद्राचार्य बुधवार को यहां मध्य प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के पिता (स्व.) हाकिम सिंह तोमर द्वारा रचित पुस्तक "बोध: कर्तव्य बोध में चिंतन की दिशा" का विमोचन करने पहुंचे थे।
यह है मामला
बता दें कि प्रयागराज में मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर पालकी शोभायात्रा रोकने और शिष्यों से मारपीट का आरोप लगाते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद धरना देकर विरोध कर रहे हैं। प्रशासन ने उन्हें पदनाम शंकराचार्य लिखने को लेकर नोटिस दिया है, तो उन्होंने भी सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का संदर्भ देकर जवाबी नोटिस दिया है।
शंकराचार्य लिखने के प्रश्न पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस देकर ठीक किया है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें शंकराचार्य नहीं बनाया है। किसी भी संत को नियमों से ऊपर खुद को नहीं समझना चाहिए।
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दिग्विजय को शास्त्रों के बारे में नही पता
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बयान-भारत में कोई 'हिंदू' नहीं, यह फारसी शब्द है, पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि दिग्विजय सिंह को शास्त्र के बारे में कुछ भी नहीं पता। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने शास्त्रों से उल्लेखित कुछ श्लोकों का उदाहरण देते हुए ‘हिंदू’ शब्द की वैधता भी साबित की।
