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नर्मदापुरम के सोनतलाई जंगल में मिला बाघिन का शव, वन विभाग में मचा हड़कंप

Published: Wed, 21 Jan 2026 07:02 PM (IST)

नर्मदापुरम जिले के सोनतलाई वन क्षेत्र में एक मादा बाघ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व ...और पढ़ें

जंगल में मृत मिली बाघिन।

जंगल में मृत मिली बाघिन।

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। बाघों की संदिग्ध मौतों को लेकर पहले से ही सुर्खियों में रहे सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और आसपास के वन क्षेत्रों से एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है। नर्मदापुरम जिले के तवानगर से लगे सोनतलाई वन क्षेत्र में बुधवार को एक मादा बाघ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया।

वन विभाग के अनुसार, वनमंडल नर्मदापुरम के अंतर्गत इटारसी परिक्षेत्र की सोनतलाई बीट में पिछले दो दिनों से बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। बुधवार को जब बाघ अपने पूर्व निर्धारित स्थान पर निष्क्रिय अवस्था में पाई गई, तो वन अमले ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। जांच के दौरान मादा बाघ मृत मिली।

वन अधिकारी मौके पर पहुंचे

सूचना मिलते ही मुख्य वन संरक्षक वृत्त नर्मदापुरम, वनमंडल अधिकारी नर्मदापुरम, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के चिकित्सकों की टीम, एनटीसीए द्वारा मनोनीत चिकित्सक, डॉग स्क्वाड, तहसीलदार, ग्राम पंचायत रानीपुर के सरपंच सहित वन विभाग का वरिष्ठ अमला मौके पर पहुंचा। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत बाघिन के शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम किया गया।

शिकार की आशंका से इंकार

वन विभाग ने प्रारंभिक जांच में शिकार की आशंका से इंकार किया है। चिकित्सक दल के अनुसार प्राथमिक परीक्षण में बाघिन की मौत का कारण संभवतः पेट में संक्रमण माना जा रहा है। हालांकि, मौत के वास्तविक और अंतिम कारणों की वैज्ञानिक पुष्टि के लिए बाघ का बिसरा अधिकृत प्रयोगशाला भेजा गया है।

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पोस्टमार्टम के दौरान बाघिन के सभी अंग सुरक्षित पाए गए, जिससे शिकार की संभावना नहीं पाई गई। इसकी पुष्टि के लिए सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के डॉग स्क्वाड द्वारा आसपास के क्षेत्र में सघन तलाशी भी ली गई। सभी वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बाघिन के शव का विधिवत अंतिम संस्कार किया गया।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाघिन की मृत्यु का अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। घटना ने एक बार फिर सतपुड़ा क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।