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'हां, आप गधे हो..', शिवपुरी में OBC आरक्षण पर प्रदर्शन के दौरान विधायक व किसान नेता में तीखी नोकझोंक

Published: Fri, 16 Oct 2026 04:48 PM (IST)

हाईकोर्ट के फैसले के विरोध में शिवपुरी में ओबीसी महासभा ने प्रदर्शन किया। एडीएम को ज्ञापन देने से इनकार, कलेक्टर ...और पढ़ें

ओबीसी आरक्षण पर प्रदर्शन के दौरान बवाल। (सौजन्य- इंटरनेट मीडिया)

ओबीसी आरक्षण पर प्रदर्शन के दौरान बवाल। (सौजन्य- इंटरनेट मीडिया)

HighLights

  1. शिवपुरी में ओबीसी आरक्षण पर प्रदर्शन।

  2. विधायक और किसान नेता में तीखी बहस।

  3. लंबित भर्तियों पर स्पष्टीकरण की मांग।

डिजिटल डेस्क, शिवपुरी। मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। शिवपुरी में गुरुवार को आरक्षण की मांग को लेकर ओबीसी महासभा के कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब ज्ञापन लेने के लिए एडीएम पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें ज्ञापन देने से इनकार कर दिया और सीधे कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़ गए।

अपनी मांग पर अड़े कार्यकर्ता करीब एक घंटे तक कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे रहे और नारेबाजी करते रहे। इस दौरान ओबीसी आरक्षण और हाईकोर्ट के फैसले को लेकर ओबीसी महासभा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भंवर सिंह धाकड़ तथा स्थानीय विधायक देवेंद्र जैन के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों के बीच हुई जुबानी तकरार ने प्रदर्शन को और चर्चा में ला दिया।

'मैं ग्रेजुएट हूं', विधायक ने पूछा- तो क्या मैं गधा हूं?

धरने के दौरान भंवर सिंह धाकड़ ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वह ग्रेजुएट हैं और पढ़े-लिखे हैं। इस पर विधायक देवेंद्र जैन ने तंज कसते हुए पूछा, 'तो क्या मैं गधा हूं?' धाकड़ ने जवाब में कहा, 'हां, आप गधे हो।' इस संवाद के बाद मौके पर माहौल और गरमा गया।

प्रदर्शन में पहुंचे जनप्रतिनिधियों और संगठन के पदाधिकारियों ने भी ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर अपनी-अपनी बात रखी। आंदोलनकारियों का कहना है कि आरक्षण को लेकर लंबे समय से कानूनी और राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है, जिसका सीधा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है।

कांग्रेस विधायक ने भाजपा सरकार को घेरा

प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे पोहरी से कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाह ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अच्छे कामों का श्रेय खुद लेती है, जबकि नाकामियों और गलतियों की जिम्मेदारी कांग्रेस पर डाल देती है।

वहीं, मनपुरा स्वास्थ्य केंद्र के लिए सात दिन की भूख हड़ताल कर चुके केशव सगर ने पिछोर विधायक प्रीतम लोधी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो जनप्रतिनिधि अपने समाज के अधिकारों के लिए आवाज नहीं उठाता, उसका विरोध किया जाना चाहिए। उन्होंने ऐसे नेताओं के पुतले जलाने की भी बात कही।

अटकी भर्तियों पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग

ओबीसी महासभा के जिला अध्यक्ष एडवोकेट राजेंद्र सिंह लोधी ने राज्य सरकार से 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए ठोस कानूनी और विधायी कदम उठाने की मांग की। संगठन का कहना है कि मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) और कर्मचारी चयन मंडल (ESB) की भर्ती प्रक्रियाओं में आरक्षण से जुड़े विवाद के कारण कई अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में है।

महासभा ने मांग की कि लंबित भर्ती प्रक्रियाओं, परिणामों और नियुक्तियों की मौजूदा स्थिति सार्वजनिक की जाए, ताकि हजारों अभ्यर्थियों को स्पष्ट जानकारी मिल सके और उनकी अनिश्चितता दूर हो।

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नया कानून लाने की मांग

ओबीसी महासभा ने कहा कि यदि वर्ष 2019 में लाए गए अध्यादेश या कानून में कोई तकनीकी अथवा कानूनी खामी है, तो सरकार उसे दूर करके नया कानून बनाए। संगठन ने केंद्र और राज्य सरकार से बातचीत के माध्यम से विवाद का समाधान निकालने तथा आरक्षण संबंधी कानून को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल कराने की मांग भी उठाई।

महासभा ने स्पष्ट किया कि ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए उसका लोकतांत्रिक और कानूनी संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन के जरिए संगठन ने सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाने और लंबित भर्तियों को लेकर युवाओं की चिंताओं का समाधान करने की मांग की।