MP News: रामकथा ने मुस्लिम युवती राहत जहां का बदला जीवन, अब रामचरित मानस पर लिख रहीं किताब
दतिया की मुस्लिम युवती राहत जहां खानम मोरारी बापू की रामकथा से इतनी प्रभावित हुईं कि अब वह रामचरित मानस ...और पढ़ें

आगरा में रामकथा के दौरान मोरारी बापू को पत्र सौंपती राहत जहां।
HighLights
दतिया की राहत जहां खानम रामकथा से प्रभावित होकर लिख रहीं किताब।
'कथा एक, राहत अनेक' नाम से उर्दू-हिंदी में रामचरित मानस पर पुस्तक।
आगरा में मोरारी बापू की नौ दिवसीय कथा सुनने के बाद मिली प्रेरणा(
कुलदीप सक्सेना, दतिया। रामकथा केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि यह प्रेम और मानवता का संदेश देती है। इसी भावना ने दतिया के इंदरगढ़ निवासी मुस्लिम युवती राहत जहां खानम को रामचरित मानस की अनुभूतियों को उर्दू और हिंदी में किताब के रूप में लिखने के लिए प्रेरित किया।
आगरा में सुनी रामकथा
दरअसल, मनोविज्ञान की शोधार्थी और लेखिका राहत ने 15 से 23 सितंबर तक आगरा में आयोजित मोरारी बापू की नौ दिवसीय रामकथा में भाग लिया और अंतिम दिन अपने अनुभवों को एक पत्र के रूप में व्यासपीठ पर मोरारी बापू को सौंपा, तो समूचा पंडाल तालियों से गूंज उठा।
पहले दिन से ही अनूठी अनुभूति
राहत ने बताया कि कथा श्रवण के दौरान पहले दिन से ही उन्हें आत्मिक आनंद का अनुभव होने लगा। उन्होंने पूरे नौ दिन रामचरित मानस कथा का श्रवण किया और वहां हुई सकारात्मक अनुभूति से प्रेरित होकर वह अब किताब लिख रही हैं, जिसका नाम ‘कथा एक, राहत अनेक’ रखा है।
मातारानी की भक्त हैं राहत
इस पुस्तक में वह रामकथा से जुड़ी अपनी अनुभूतियों को गजलों और उर्दू-हिंदी शब्दावली के माध्यम से प्रस्तुत करेंगी। हाल ही में वह पीतांबरा पीठ पर दर्शन करने गई थीं। इससे पहले वह मां वैष्णो देवी और कैलादेवी भी जा चुकी हैं। राहत के पिता सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी सुलेमान खान, मां गृहिणी और भाई फिरोज खान बीएसएफ में है।

रामकथा का इतना असर कि रोज पढ़ती हैं चौपाई
रामकथा का इतना गहरा असर हुआ कि राहत अब वेस्टर्न ड्रेस की जगह पारंपरिक पोशाक पहनने लगी हैं। वह रोज आाफिस में हनुमान चालीसा और रामचरित मानस की चौपाई पढ़ती हैं। उनके ऑफिस में कुरान शरीफ के साथ हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें भी लगी हैं, जिनकी वह रोज पूजा करती हैं।
राहत का मानना है कि इंसान को अपने जीवन में चारों धर्मों के प्रमुख ग्रंथों का अध्ययन करना चाहिए, क्योंकि ये सभी ग्रंथ मानवता, प्रेम और सद्भाव का संदेश देते हैं।
