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MP में हाईवे पर स्मार्ट स्ट्रीट लाइट निगरानी, NHAI लागू करेगा CCMS; एक लाइट भी हुई खराब तो कंट्रोल रूम को तुरंत मिलेगा अलर्ट

By Priyank SharmaEdited By: Ravindra Soni
Published: Thu, 17 Sep 2026 05:54 PM (IST)

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) मध्य प्रदेश के नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर स्ट्रीट लाइटों की निगरानी के लिए ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. NHAI मध्य प्रदेश में CCMS लागू करेगा।

  2. खराब लाइट की सूचना रियल टाइम मिलेगी।

  3. तमाम स्ट्रीट लाइट रिमोट से नियंत्रित होंगी।

प्रियंक शर्मा, ग्वालियर। मध्य प्रदेश में नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे की स्ट्रीट लाइटों की निगरानी अब पेट्रोलिंग वाहनों के भरोसे नहीं रहेगी। किसी हाईवे पर एक भी लाइट खराब होते ही उसकी लोकेशन समेत सूचना रियल टाइम में कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी। इतना ही नहीं, जरूरत के अनुसार लाइटों को रिमोट से बंद और चालू भी किया जा सकेगा।

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) प्रदेश में सेंट्रल कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CCMS) लागू करने जा रहा है। इसके दायरे में ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, छतरपुर, छिंदवाड़ा, हरदा, खंडवा, रीवा, रतलाम, सागर, उज्जैन और विदिशा समेत कई शहरों से गुजरने वाले नेशनल हाईवे कॉरिडोर शामिल होंगे।

इसके लिए NHAI के भोपाल स्थित रीजनल कार्यालय ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। चयनित एजेंसी सिस्टम स्थापित करने के साथ पांच साल तक इसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगी।

मैप पर दिखाई देगी खराब लाइट की लोकेशन

फिलहाल हाईवे की स्ट्रीट लाइटें सामान्य तौर पर सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर संचालित होती हैं। लाइट खराब होने की जानकारी कई बार पेट्रोलिंग के दौरान ही मिलती है। CCMS लागू होने के बाद हर लाइट की स्थिति रियल टाइम में कंट्रोल रूम से देखी जा सकेगी।

प्रत्येक हाईवे कॉरिडोर की स्ट्रीट लाइटों को कंट्रोल बॉक्स से जोड़ा जाएगा। जैसे ही कोई लाइट बंद होगी, सिस्टम उसकी जानकारी संबंधित लोकेशन के साथ कंट्रोल रूम को भेज देगा। डिजिटल मैप पर खराब लाइट की स्थिति भी दिखाई देगी। डेटा ट्रांसमिशन के लिए 5G नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा।

वोल्टेज से बिजली खपत तक की निगरानी

CCMS सिर्फ लाइट खराब होने का अलर्ट देने तक सीमित नहीं रहेगा। सिस्टम हाईवे की स्ट्रीट लाइटों को बिजली देने वाली व्यवस्था की भी निगरानी करेगा। इसके लिए CCMS फीडर पैनल में थ्री-फेज ऊर्जा मीटर लगाया जाएगा।

इससे वोल्टेज, करंट, पावर फैक्टर और बिजली की खपत का रिकॉर्ड रखा जा सकेगा। बिजली सप्लाई बाधित होने, वोल्टेज या करंट में असामान्य बदलाव और फीडर ट्रिप होने जैसी तकनीकी गड़बड़ियों की जानकारी भी तत्काल मिल सकेगी।

नेटवर्क फेल होने पर भी चलती रहेंगी लाइट

सिस्टम की खासियत यह होगी कि संचार नेटवर्क में खराबी आने पर भी स्ट्रीट लाइटों का संचालन बंद नहीं होगा। इसके लिए स्वतंत्र हार्डवेयर टाइमर की व्यवस्था की जाएगी।

पावर फेलियर की स्थिति में रियल टाइम क्लॉक और इवेंट लॉग का बैकअप भी उपलब्ध रहेगा। यानी नेटवर्क या संचार व्यवस्था बाधित होने के बावजूद लाइटिंग का निर्धारित संचालन जारी रखा जा सकेगा।

NHAI मुख्यालय से होगी हाईवे की निगरानी

CCMS को सुरक्षित माध्यम से NHAI के केंद्रीय सर्वर से जोड़ा जाएगा। इससे मुख्यालय स्तर से प्रदेश के अलग-अलग हाईवे कॉरिडोर की स्ट्रीट लाइटों की निगरानी, रिपोर्टिंग और डेटा मैनेजमेंट किया जा सकेगा।

सिस्टम में हैकिंग डिटेक्शन, सेल्फ-हीलिंग मैकेनिज्म और फेल-सेफ ऑपरेशन जैसी साइबर सुरक्षा व्यवस्थाएं भी शामिल होंगी।

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खराबी ठीक करने की तय होगी समयसीमा

स्ट्रीट लाइटिंग या संचार व्यवस्था में खराबी आने पर चयनित एजेंसी को सिस्टम को अधिकतम 48 घंटे के भीतर बहाल करना होगा। इससे हाईवे पर खराब लाइटों की पहचान और सुधार की प्रक्रिया मौजूदा व्यवस्था की तुलना में ज्यादा तेज और व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

प्रदेश के हाईवे और एक्सप्रेस-वे की स्ट्रीट लाइटों को सीसीएमएस सिस्टम से जोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है। इसके लिए टेंडर जारी किए गए हैं। सीसीएमएस से जुड़ने के बाद प्रत्येक स्ट्रीट लाइट की रियल टाइम निगरानी हो सकेगी।
- अजय कुमार स्वामी, जनरल मैनेजर, एनएचएआई भोपाल