कूनो में चीता आशा दोबारा बनी मां, पांच शावकों को दिया जन्म, अब 35 चीते, फरवरी अंत तक और बढ़ेगा कुनबा
कूनो नेशनल पार्क में चीता आशा ने पांच नए शावकों को जन्म दिया है, जिससे भारत में चीतों की कुल ...और पढ़ें

कूनों में नवजात शावकों के साथ मादा चीता आशा (वीडियो ग्रैब)

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डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। देश में चीता पुनर्स्थापना परियोजना की सफलता में शनिवार को एक और अध्याय जुड़ गया है। श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीता आशा ने फिर पांच शावकों को जन्म दिया है। यह खुशखबरी उस समय आई है, जब 28 फरवरी को बोत्सवाना से और आठ चीतों को भारत लाने की तैयारियां चल रही हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर पोस्ट करते हुए पांच शावकों के जन्म की जानकारी साझा की। सीएम ने 'एक्स' पर लिखा, 'कूनो (नेशनल पार्क) ने गौरव का एक खास पल देखा, जब आशा ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया। इससे भारत की चीता संरक्षण यात्रा और सुदृढ़ हुई है। इसके साथ ही, भारत में पैदा हुए शावकों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है और कुल चीतों की आबादी 35 तक पहुंच गई है। यह उपलब्धि हमारे वन कर्मचारियों और पशु चिकित्सकों की अथक मेहनत को दिखाती है। हमारा यह राज्य वन्यजीव संरक्षण के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।'
Kuno has witnessed a moment of pure pride as Aasha gives birth to five healthy cubs, strengthening India’s cheetah conservation journey.
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) February 7, 2026
With this, the number of Indian-born cubs rises to 24 and the total cheetah population reaches 35.
This achievement reflects the tireless… pic.twitter.com/rwMFpAtFn8
इसके साथ ही सीएम डॉ. यादव ने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें मादा चीता आशा अपने नवजात शावकों के साथ नजर आ रही है।
लगातार निगरानी और वैज्ञानिक प्रबंधन का ही नतीजा है कि कूनो में चीते सुरक्षित माहौल में प्रजनन कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि कूनो में पहले से 27 चीते मौजूद थे। नए शावकों के जन्म के बाद पार्क में चीतों की संख्या 32 तक पहुंच गई है। कूनो के अलावा तीन चीते मंदसौर जिले के गांधीसागर अभयारण्य में हैं। गांधी सागर को देश में दूसरे चीता अभयारण्य के रूप में विकसित किया गया है।
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पीएम मोदी ने किया था नामकरण
उल्लेखनीय है कि 17 सितंबर 2022 को चीता परियोजना के पहले चरण में नामीबिया से लाए गए चीतों में मादा चीता आशा भी शामिल थी। उसी दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसका नाम आशा रखा था। उसने देश में पहली बार तीन जनवरी 2024 को तीन शावकों को जन्म दिया था, जो वर्तमान में स्वस्थ हैं। शनिवार को आशा ने दूसरी बार पांच शावकों को जन्म देकर यह साबित कर दिया है कि कूनो नेशनल पार्क का वातावरण चीतों के प्रजनन के लिए पूरी तरह अनुकूल हो चुका है।
केंद्रीय वन मंत्री ने लिखा- प्रोजेक्ट चीता की विरासत आगे बढ़ी
केंद्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कूनो में पांच शावकों के जन्म पर प्रसन्नता व्यक्त कर अपनी एक्स पोस्ट में लिखा है- आशा की विरासत आगे बढ़ी है और भारत ने उसके पांच नए शावकों का स्वागत किया है। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण के प्रति दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू की गई चीता परियोजना के लिए गर्व और खुशी का क्षण होने के साथ ही देश में चीता संरक्षण यात्रा में मील का पत्थर है।
अब 28 फरवरी को बोत्सवाना से आने वाले आठ चीतों के स्वागत की तैयारी
28 फरवरी को बोत्सवाना से आठ चीते भारत लाए जाएंगे, जिनमें दो नर और छह मादा चीता शामिल हैं। इनके आगमन को लेकर कूनो नेशनल पार्क में तैयारियां पूरी की जा रही हैं। पार्क प्रबंधन के अनुसार, इन आठों चीतों के लिए छह छोटे क्वारंटीन बाड़े तैयार किए गए हैं। कुछ बाड़ों में एक-एक चीता को रखा जाएगा, जबकि कुछ बाड़ों में दो-दो चीतों को कोएलिशन के रूप में रखा जाएगा। यह व्यवस्था उनके व्यवहार और आपसी सामंजस्य को ध्यान में रखते हुए तय की गई है।
