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चीतों की बढ़ती संख्या ने बढ़ाया क्रेज, 1 अक्टूबर से फिर खुलेगा कूनो; पिछले सीजन में पहुंचे थे 9000 से ज्यादा पर्यटक

Published: Mon, 21 Sep 2026 06:55 PM (IST)

कूनो नेशनल पार्क 1 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए फिर से खुल रहा है, जो मानसून के कारण तीन महीने ...और पढ़ें

कूनो में चीता (फाइल फोटो)

कूनो में चीता (फाइल फोटो)

HighLights

  1. कूनो नेशनल पार्क 1 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए खुलेगा।

  2. चीतों की बढ़ती संख्या ने पर्यटन को बढ़ावा दिया है।

  3. पिछले सीज़न में 9000 से अधिक पर्यटक कूनो पहुंचे।

डिजिटल डेस्क, श्योपुर। मानसून के कारण करीब तीन माह से पर्यटकों के लिए बंद मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क के गेट पर्यटकों के लिए एक अक्टूबर से खुल जाएंगे। पार्क में चीतों की लगातार बढ़ती संख्या ने पर्यटकों का रुझान बढ़ाया है। पर्यटन सत्र 2025-26 में नौ हजार से अधिक पर्यटक कूनो की सैर कर चुके हैं। यह संख्या उससे पिछले पर्यटन सत्र 2024-25 में पहुंचे पर्यटकों की संख्या से दोगुना से अधिक है।

देश के अन्य नेशनल पार्कों की तरह कूनो में भी पर्यटन सत्र एक अक्टूबर से 30 जून तक चलता है। एक जुलाई से 30 सितंबर तक मानसून में फिसलन भरे रास्ते, ब्रीडिंग सीजन और जंगल रिजनरेशन के चलते पार्क के कोर जोन बंद रहते हैं। अक्टूबर से फरवरी- विंटर सत्र में जंगल हरा-भरा, मौसम ठंडा, बर्ड वाचिंग के लिए बेस्ट रहता है, वहीं मार्च से जून समर सत्र टाइगर/चीता साइटिंग के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि जानवर पानी के पास आते हैं। कूनो पार्क का भी यही पैटर्न है। यहां अक्टूबर से जून तक चीता सफारी चलती है।

वर्तमान में हैं 52 चीते

बता दें कि कूनो में 17 सितंबर 2022 को चीता प्रोजेक्ट की शुरूआत हुई। शुरुआती एक साल में चीते अधिकांशत: बाड़े में ही रहे। इनकी संख्या बढ़ने के साथ ही इन्हें खुले जंगल में छोड़ना शुरू किया गया। वर्तमान में कूनो में शावकों सहित 52 चीते हैं, कूनो के खुले जंगल में इस समय 17 वयस्क चीते हैं, जबकि 35 (19 शावक सहित) बोमा/बाड़े में हैं। कूनो के खुले जंगल में जो चीते हैं, वह श्योपुर के अलावा शिवपुरी, मुरैना, ग्वालियर के अलावा राजस्थान के करौली, बारां तक विचरण कर रहे हैं।

पर्यटकों को जंगल की हरियाली और नदी-झरने भी करेंगे आकर्षित

इस बार भी मानसून के बाद कूनो का जंगल हरियाली से भर गया है। बारिश के बाद जंगल की प्राकृतिक सुंदरता, नदी-नाले और जलस्रोत भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहते हैं। यही वजह है कि कूनो सफारी में केवल चीते ही नहीं, बल्कि पूरा जंगल पर्यटकों के अनुभव का हिस्सा बनता है। कूनो के आसपास पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय स्तर पर भी रोजगार की संभावनाएं बढ़ी हैं। सफारी वाहनों, गाइड, होटल, रिसोर्ट और छोटे कारोबार से जुड़े लोगों को पर्यटन सत्र शुरू होने का इंतजार रहता है।

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कूनों में इस तरह बढ़े पर्यटक (सत्र अक्टूबर से जून माह तक)

सत्र पर्यटकों की संख्या
2021-22 1211 (चीते आने से पहले)
2022-23 1459 (चीते आने के दौरान)
2023-24 3172 (चीते बाड़े से जंगल में छोड़े जाने के बाद)
2024-25 4007
2025-26 9117


प्रोजेक्ट चीता श्योपुर ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। प्रोजेक्ट चीता की शुरूआत के बाद से ही कूनो में पर्यटन भी लगातार बढ़ रहा है आगे लगातार पर्यटन बढ़ेगा, इस दिशा में काम किया जा रहा है।
-उत्तम कुमार शर्मा, सीसीएफ, कूनो नेशनल पार्क