कूनो से आई बुरी खबर: आशा चीता के आठ माह के शावक की मौत; सर्चिंग के दौरान जंगल में मिला शव
कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट को झटका लगा है, मादा चीता आशा के पांच शावकों में से एक की ...और पढ़ें

कूनो नेशनल पार्क। (फाइल फोटो)
HighLights
मादा चीता आशा के आठ माह के शावक की मौत।
मॉनीटरिंग में एक शावक कम मिला, सर्चिंग में मिला शव।
देश में अब चीतों की कुल संख्या 59 रह गई है।
डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क से चीता प्रोजेक्ट को झटका देने वाली खबर सामने आई है। नामीबिया से लाई गई मादा चीता आशा के पांच शावकों में से एक की मौत हो गई। करीब आठ माह के शावक का शव सोमवार सुबह मॉनीटरिंग के दौरान लापता मिलने के बाद चलाए गए सर्च अभियान में बरामद हुआ। फिलहाल उसकी मौत की वजह स्पष्ट नहीं है। वन विभाग को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
आशा वही मादा चीता है, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर 2022 को कूनो नेशनल पार्क के बाड़े में छोड़कर भारत में चीता पुनर्स्थापना परियोजना की शुरुआत की थी। आशा अब तक दो बार शावकों को जन्म दे चुकी है।
मॉनीटरिंग में एक शावक कम दिखा
वन विभाग के अनुसार, सोमवार सुबह नियमित निगरानी के दौरान आशा के साथ चार शावक ही नजर आए। पांचवें शावक के नहीं दिखने पर वनकर्मियों ने उसकी तलाश शुरू की। सर्च अभियान के दौरान शावक मृत अवस्था में मिला।
फिलहाल मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। कूनो प्रबंधन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि शावक की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
पहली बार तीन, दूसरी बार पांच शावकों को दिया था जन्म
आशा ने पहली बार 1 जनवरी 2024 को तीन शावकों को जन्म दिया था। ये तीनों अब वयस्क हो चुके हैं। इसके बाद 7 फरवरी 2026 को आशा ने पांच शावकों को जन्म दिया था। इनमें से एक की सोमवार को मौत हो गई। अब आशा के साथ चार शावक शेष हैं।
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कूनो में अब 53 चीते
इस शावक की मौत के बाद कूनो नेशनल पार्क में शावकों सहित चीतों की संख्या 53 रह गई है। इनमें 40 चीते भारत में ही जन्मे हैं। कूनो के 15 चीते फिलहाल खुले जंगल में विचरण कर रहे हैं।
वहीं, गांधी सागर अभयारण्य में चार और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीते मौजूद हैं। इस तरह तीनों क्षेत्रों को मिलाकर देश में चीतों की कुल संख्या अब 59 रह गई है।
