श्योपुर में शिकारियों की गोली से गंभीर घायल चीता की मौत, फेफड़ों तक पहुंच गए थे 5 छर्रे; निगरानी पर फिर उठे सवाल
श्योपुर के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में शिकारियों की गोली से घायल मादा चीता निर्वा के 19 माह के शावक की ...और पढ़ें

HighLights
शिकारियों की गोली से घायल चीता शावक की मौत।
शावक के शरीर से पांच छर्रे, फेफड़ों को नुकसान।
कूनो सुरक्षा पर सवाल, वन विभाग जांच में जुटा।
डिजिटल डेस्क, श्योपुर। प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान के आसपास वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकारियों की गोली से घायल मादा चीता निर्वा के 19 माह के शावक की मंगलवार सुबह उपचार के दौरान मौत हो गई। शावक के शरीर से बंदूक के पांच छर्रे निकाले गए थे, जो उसके फेफड़ों तक पहुंच गए थे। इससे फेफड़ों और आसपास के ऊतकों को गंभीर नुकसान पहुंचा था। घटना के बाद वन विभाग ने जांच तेज कर दी है। केंद्र सरकार के निर्देश पर मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को विजयपुर वन परिक्षेत्र के नितनवांस बीट में शावक गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था। वन विभाग की टीम उसे उपचार के लिए लेकर पहुंची, लेकिन उसकी हालत बेहद नाजुक थी। मंगलवार सुबह सर्जरी के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद चोटों की प्रकृति और मौत से जुड़े तथ्यों की विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।
शरीर में मिले पांच छर्रे, फेफड़ों को पहुंची गंभीर चोट
वन विभाग के सामने आई शुरुआती जानकारी के मुताबिक चीता शावक के शरीर में बंदूक के पांच छर्रे लगे थे। इनमें से छर्रे फेफड़ों तक पहुंच गए थे, जिससे अंदरूनी अंगों को गंभीर क्षति हुई। चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद शावक को बचाया नहीं जा सका।
घटना ने कूनो और आसपास के वन क्षेत्रों में वन्यजीवों के लिए मौजूद खतरे को फिर उजागर किया है। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शिकारियों ने किस जगह और किन परिस्थितियों में गोली चलाई।
शिकारियों की तलाश में टास्क फोर्स और डॉग स्क्वाड
शावक की मौत के बाद वन विभाग ने आरोपित शिकारियों की पहचान के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। भोपाल टास्क फोर्स, वन मंडलाधिकारी (DFO) और डॉग स्क्वाड की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
जांच दल आसपास के वन क्षेत्र में संभावित सुराग तलाश रहे हैं। फिलहाल घटना में शामिल लोगों की पहचान और गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। SIT अब घटना की परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी।
निगरानी के बावजूद वन क्षेत्र में कैसे चली गोली?
इस घटना के बाद कूनो क्षेत्र की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। चीतों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रैकिंग टीमें और सैटेलाइट कॉलर का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि शावक के घायल होने की जानकारी कब मिली, घटना किन परिस्थितियों में हुई और वन क्षेत्र में हथियार लेकर पहुंचे लोगों को रोकने में क्या चूक हुई।
कूनो क्षेत्र में पहले भी वन्यजीवों की सुरक्षा और संदिग्ध मौतों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अब मादा चीता निर्वा के शावक की मौत के बाद गश्त, निगरानी और सुरक्षा प्रबंधन की समीक्षा की मांग तेज हो सकती है।
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SIT की जांच से खुलेगा राज
केंद्र सरकार के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल घटना से जुड़े तथ्यों, संभावित शिकारियों और सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल करेगा। जांच में यह स्पष्ट करने की कोशिश होगी कि शावक पर हमला कहां और कैसे हुआ तथा वन क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी कोई चूक हुई थी या नहीं।
फिलहाल वन विभाग की टीमें साक्ष्य जुटाने और आरोपितों की तलाश में लगी हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और SIT की जांच के बाद ही घटना के सभी पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
घायल चीता की सर्जरी के दौरान मौत हो गई है। मामले की जांच की जा रही है, भोपाल टास्कफोर्स की टीमें और डीएफओ मौके पर पहुंच गए हैं। डॉग स्क्वाड की टीमें भी लगी हुई हैं। जांच की जा रही है और सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ समीता राजोरा, पीसीसीएफ, वाइल्ड लाइफ भोपाल
