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सिंधिया राजघराने की संपत्ति का विवाद: सहमति पत्र पर धोखे से कराए गए हस्ताक्षर? कोर्ट ने मांगे सबूत

Published: Wed, 14 Oct 2026 06:17 PM (IST)Updated: Wed, 14 Oct 2026 07:11 PM (IST)

सिंधिया राजघराने की संपत्ति के बंटवारे विवाद में कोर्ट ने प्रतिमा देवी से धोखाधड़ी के आरोपों के समर्थन में सबूत मांगे हैं। मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी।

सिंधिया राजघराने की संपत्ति के बंटवारे के मामले में ज्योतिरादित्य की बड़ी बुआ की बेटी ने आपत्ति दर्ज कराई है।

सिंधिया राजघराने की संपत्ति के बंटवारे के मामले में ज्योतिरादित्य की बड़ी बुआ की बेटी ने आपत्ति दर्ज कराई है।

HighLights

  1. समझौते में धोखाधड़ी के आरोप पर कोर्ट ने मांगे साक्ष्य।

  2. प्रतिमा देवी को धोखाधड़ी के आरोप साबित करने होंगे।

  3. मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को निर्धारित।

डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। सिंधिया राजघराने की करीब 40 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति के बंटवारे से जुड़े विवाद में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की दिवंगत बड़ी बुआ पद्मावती राजे सिंधिया की बेटी प्रतिमा देवी को अब अपने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। बुधवार को जिला न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल आवेदन पर बहस के आधार पर निर्णय नहीं किया जाएगा। प्रतिमा देवी को समझौते में धोखाधड़ी के अपने आरोपों के संबंध में सबूत देने होंगे। मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।

29 अक्टूबर को फिर होगी सुनवाई

अगली सुनवाई में ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआओं—राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, मध्य प्रदेश की पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया और ऊषा राजे सिंधिया—की ओर से संपत्ति का बंटवारा आपसी राजीनामे के आधार पर होने का पक्ष रखा जाएगा।

प्रतिमा देवी ने पहले आवेदन देकर अगली सुनवाई दिसंबर में रखने का अनुरोध किया था। उनका कहना था कि वे उस दौरान विदेश में रहेंगी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना आवेदन वापस ले लिया।

समझौते पर हस्ताक्षर को लेकर उठाए सवाल

सिंधिया परिवार की संपत्तियों के बंटवारे का विवाद लंबे समय से अदालत में विचाराधीन है। प्रतिमा देवी ने आवेदन देकर आरोप लगाया था कि समझौते के दस्तावेज पर उनसे धोखे से हस्ताक्षर कराए गए। सात अक्टूबर को हुई सुनवाई में इस आवेदन पर दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई थी।

उस दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया की तीनों बुआओं की ओर से कहा गया था कि समझौते पर हस्ताक्षर आपसी सहमति से किए गए थे। उनके पक्ष ने यह भी दलील दी थी कि हस्ताक्षर के बाद परिवार के सदस्यों ने साथ में डिनर किया और तस्वीरें भी खिंचवाई थीं। अब अदालत ने प्रतिमा देवी से आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा है।

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कोर्ट ने प्रतिमा देवी को घोषित किया था 'एक्स' पार्टी

संपत्ति विवाद में वसुंधरा राजे, यशोधरा राजे और ऊषा राजे ने पैतृक संपत्ति में हिस्सा पाने के लिए मुकदमा दायर किया था। इस मामले में दिवंगत पद्मावती राजे की बेटियों कनिका देवी सिंह और प्रतिमा देवी राना को भी पक्षकार बनाया गया था। सुनवाई के दौरान उपस्थित न होने के कारण दोनों को अदालत ने एकपक्षीय यानी एक्स पार्टी घोषित कर दिया था।

बाद में प्रतिमा देवी ने अदालत में आवेदन देकर मामले में अपनी भागीदारी और समझौते पर आपत्ति दर्ज कराई।