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चार बांग्लादेशी युवतियों को वापस भेजने की तैयारी शुरू, ग्वालियर GRP की जांच में सामने आया कश्मीर कनेक्शन

Published: Wed, 07 Oct 2026 11:29 PM (IST)

ग्वालियर जीआरपी ने बांग्लादेश से अवैध तरीके से लाई गईं चार युवतियों को वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी ...और पढ़ें

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HighLights

  1. जीआरपी ने बांग्लादेशी युवतियों को वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की।

  2. मानव तस्करी नेटवर्क का कश्मीर कनेक्शन जांच में सामने आया।

  3. युवतियों को भारत में अलग-अलग शहरों में भेजा जाता था।

डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। बांग्लादेश से अवैध तरीके से भारत लाई गईं चार युवतियों से पूछताछ के बाद ग्वालियर जीआरपी ने उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मानव तस्करी से जुड़े इस मामले में जीआरपी ने अपने मुख्यालय को पत्र भेजकर युवतियों को वापस भेजने की अनुमति मांगी है।

पूछताछ में मानव तस्करी नेटवर्क के काम करने के तरीके को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, भारत में प्रवेश कराने के बाद युवतियों को किसी एक स्थान पर नहीं रखा जाता था। उन्हें अलग-अलग शहरों में भेजा जाता था, जहां घरेलू काम, शादी कराने या स्थानीय संपर्कों के माध्यम से उन्हें बसाने की कोशिश की जाती थी।

सीमा से अंतिम ठिकाने तक मददगारों की तलाश

पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर जांच एजेंसियां अब नेटवर्क से जुड़े उन लोगों की पहचान करने में जुटी हैं, जिन्होंने युवतियों को सीमा पार कराने से लेकर अलग-अलग शहरों में पहुंचाने तक मदद की।

एजेंसियों का फोकस नेटवर्क की पूरी कड़ी को सामने लाने पर है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि युवतियों को भारत लाने, उन्हें एक शहर से दूसरे शहर भेजने और अंतिम ठिकाने तक पहुंचाने में कौन-कौन लोग शामिल थे।

कश्मीर में रिसीव करने वाले सदस्य की तलाश

जांच में नेटवर्क के एक और सदस्य की भूमिका सामने आने की बात कही जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह व्यक्ति कश्मीर में युवतियों को रिसीव करता था। एजेंसियां अब उसके संपर्कों, नेटवर्क में भूमिका और युवतियों को आगे भेजने से जुड़े लिंक की पड़ताल कर रही हैं।

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मोहम्मद हसन से पूछताछ में मिली जानकारी

नेटवर्क से जुड़े मोहम्मद हसन से पूछताछ के दौरान भी जांच एजेंसियों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की बात सामने आई है। इन्हीं जानकारियों के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों और युवतियों की आवाजाही से जुड़े संपर्कों की जांच की जा रही है।

फिलहाल जीआरपी युवतियों को वापस भेजने की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है। वहीं जांच एजेंसियां मानव तस्करी के इस नेटवर्क की अन्य कड़ियों तक पहुंचने के प्रयास कर रही हैं।