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दतिया में त्रयोदशी भोज के बाद 600 से ज्यादा बीमार, उल्टी-दस्त और पेटदर्द से ग्रामीण परेशान; गुलाबजामुन पर शक

Published: Sun, 18 Oct 2026 01:55 AM (IST)

दतिया के उड़ीना गांव में त्रयोदशी भोज के बाद 600 से अधिक लोग बीमार हो गए, जिनमें उल्टी, दस्त और ...और पढ़ें

ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

HighLights

  1. उड़ीना गांव में 3 से 4 हजार लोगों ने किया था भोज।

  2. भोज के बाद देर रात बिगड़ने लगी लोगों की तबीयत।

  3. स्वास्थ्य विभाग ने जुटाए खाद्य पदार्थों के नमूने, होगी जांच।

डिजिटल डेस्क, दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले के भांडेर क्षेत्र के उड़ीना गांव में त्रयोदशी भोज के बाद बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। लोगों को चक्कर आने, उल्टी, जी मिचलाने, बुखार और सिरदर्द जैसी शिकायतें होने लगीं। स्थिति की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने गांव में दो स्थानों पर चिकित्सा शिविर लगाए, जहां करीब 600 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। फिलहाल लोगों के अचानक बीमार पड़ने की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने भोज में परोसे गए खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

त्रयोदशी भोज में हजारों लोग हुए थे शामिल

जानकारी के मुताबिक, उड़ीना निवासी अतर सिंह यादव के यहां 15 अक्टूबर को त्रयोदशी का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें करीब तीन से चार हजार लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है। शाम लगभग चार बजे शुरू हुआ गंगभोज देर रात तक चला।

बताया जा रहा है कि भोज में शामिल कुछ लोगों की तबीयत देर रात से ही बिगड़ने लगी थी। उन्हें चक्कर आने, उल्टी होने, जी मिचलाने, बुखार और सिरदर्द जैसी समस्याएं हुईं। अगले दिन ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ने लगी। जिन लोगों के पास आवागमन के साधन उपलब्ध थे, वे अपने परिजनों को इलाज के लिए इंदरगढ़ और दतिया लेकर पहुंचे।

गांव में दो जगह लगाए गए स्वास्थ्य शिविर

बीमार लोगों की संख्या बढ़ने और उपचार के बाद भी राहत नहीं मिलने पर सरपंच ज्योति रामलखन यादव ने शनिवार सुबह भांडेर के बीएमओ डॉ. जयंत यादव को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद बीएमओ ने दो चिकित्सीय दल गांव भेजे।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उड़ीना हाईस्कूल भवन और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शिविर लगाकर करीब 600 लोगों की जांच की। कई ग्रामीणों ने गांव में ही उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया, जबकि अन्य मरीज दतिया, भांडेर और ग्वालियर सहित आसपास के क्षेत्रों में उपचार करा रहे हैं।

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गुलाबजामुन की गुणवत्ता पर जताई जा रही आशंका

त्रयोदशी भोज में परोसे गए खाद्य पदार्थों में गुलाबजामुन को लेकर सबसे अधिक आशंका जताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने इसमें अप्रिय गंध आने की बात कही है। हालांकि, अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि लोगों की तबीयत बिगड़ने की वजह गुलाबजामुन या कोई अन्य खाद्य पदार्थ था।

ग्रामीण शिवकुमार दुबे के मुताबिक, रात आठ बजे के बाद भोजन करने वाले लोगों में उल्टी-दस्त और बुखार की शिकायतें अधिक सामने आईं। स्वास्थ्य विभाग ने भोज में परोसे गए खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए हैं। अब जांच रिपोर्ट से ही लोगों के बीमार पड़ने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।