'उचित मुआवजा दो या जला दो’: केन-बेतवा परियोजना पर आदिवासी महिलाओं ने चिता पर लेटकर किया उग्र प्रदर्शन
केन-बेतवा परियोजना के तहत पन्ना जिले में विस्थापित हो रहे आदिवासियों का आंदोलन तेज हो गया है। छह दिनों से ...और पढ़ें

ढोड़न बांध निर्माण स्थल पर मुआवजा बढ़ाने के लिए चिताओं पर लेट कर सांकेतिक प्रदर्शन करते हुए केन बेतवा प्रोजेक्ट के विस्थापित आदिवास।

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डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी नदी जोड़ो केन-बेतवा परियोजना में विस्थापित किए जा रहे आदिवासियों का आंदोलन तेज हो गया है। परियोजना के तहत डूब क्षेत्र में आने वाले पन्ना जिले के आठ गांवों के आदिवासी छह दिन से ढोड़न बांध क्षेत्र में प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे ढोड़न बांध का काम बंद है।
चिता पर लेटे प्रदर्शनकारी, धारा 163 लागू
मांग है कि उन्हें भी छतरपुर जिले के विस्थापितों की तरह 12.50 लाख रुपये का मुआवजा देने के साथ ही दोबारा सर्वे कराया जाए। आदिवासी महिलाओं के साथ ही बच्चे और पुरुषों ने सांकेतिक चिताओं पर लेटकर विरोध जताते हुए उचित मुआवजा दो या हमें जला दो की तख्तियां दिखाईं। बाहरी लोगों को प्रदर्शन स्थल से हटाने के लिए प्रशासन ने 14 गांवों में छह अप्रैल से धारा 163 लागू कर दी है।
कलेक्टर ने जताई असमर्थता
वहीं, शुक्रवार को कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मुआवजा बढ़ाने की मांगें भू-अर्जन अधिनियम के तहत पूरी नहीं की जा सकती हैं। मुआवजा सरकार भी नहीं बढ़ा सकती है। शिकायत पर सर्वे कर निराकरण किया जा सकता है।

दिल्ली कूच रोका, साइट पर शुरू हुआ धरना
जानकारी के अनुसार आंदोलनकारी मुआवजा के लिए दोबारा सर्वे, वितरण में धांधली के साथ ही भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। लगातार शिकायत के बाद सुनवाई नहीं होने पर प्रधानमंत्री से मिलने दिल्ली जा रहे थे तभी खैरी टोल प्लाजा पर रोक दिया जिससे वह ढोड़न बांध निर्माण स्थल पर धरने देने बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन ने उनके द्वारा घर-घर से जुटाया गया राशन भी छीन लिया और उनका पानी रोक दिया, ताकि वे हार मानकर घर लौट जाएं।
अधिकारियों को भीड़ ने घेरा, वापस लौटे
गुरुवार को जिला पंचायत सीईओ और अपर कलेक्टर नमः शिवाय अरजरिया की टीम विस्थापितों से बात करने पहुंची थी। प्रदर्शनकारियों ने टीम को घंटों इंतजार कराया और फिर अचानक भीड़ ने अफसरों को घेर लिया, जिससे डरकर टीम को लौटना पड़ा।
प्रशासन का आरोप है कि सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने लोगों को भड़काया है और सोची-समझी साजिश के तहत अधिकारियों पर हमला करने की कोशिश की गई।
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नेता प्रतिपक्ष ने एक्स पर किया पोस्ट
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बुंदेलखंड के छतरपुर में केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ आदिवासी परिवारों का आंदोलन बेहद चिंताजनक है। महिलाएं छोटे बच्चों के साथ प्रतीकात्मक चिताओं पर लेटकर न्याय की मांग कर रही हैं, यह स्थिति सरकार की संवेदनहीनता का प्रमाण है।
