विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

फर्जी अंकसूची से डाक सेवक की नौकरी पाने वालों पर CBI का शिकंजा, चार आरोपित मुरैना से गिरफ्तार; कई राज्यों में फैला नेटवर्क

Published: Wed, 30 Sep 2026 07:50 PM (IST)

सीबीआई ने फर्जी अंकसूचियों के आधार पर ग्रामीण डाक सेवक की नौकरी हासिल करने वाले मुरैना के चार युवकों को ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

डिजिटल डेस्क, मुरैना। हाईस्कूल की फर्जी अंकसूचियों के सहारे डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवक की नौकरी हासिल करने के मामले में सीबीआई की जबलपुर टीम ने मुरैना के चार युवकों को गिरफ्तार किया है। बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड से अंकसूचियों का सत्यापन कराने पर फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई, जिसके बाद सीबीआई ने कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपितों को जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा।

सीबीआई के अनुसार, डाक विभाग की शिकायत के बाद भर्ती के दौरान जमा की गई शैक्षणिक अंकसूचियों की जांच शुरू की गई थी। सत्यापन के लिए दस्तावेज संबंधित बोर्डों को भेजे गए थे। जांच में मानवेंद्र सिंह सिकरवार, रमाकांत शर्मा, सौरभ शर्मा और प्रदीप खरे की अंकसूचियां फर्जी पाई गईं। इसके बाद बुधवार को सीबीआई निरीक्षक आकाश पांडेय के नेतृत्व में टीम ने चारों को गिरफ्तार कर लिया।

आठ अभ्यर्थियों की अंकसूचियां फर्जी

जांच में कुल आठ अभ्यर्थियों की अंकसूचियां फर्जी पाए जाने की बात सामने आई है। इनमें मुरैना के चार आरोपितों के अलावा टीकमगढ़, देवास और सागर के अभ्यर्थी भी शामिल हैं। डाक विभाग ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वाले सभी आठ कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।

जनवरी 2024 और जुलाई 2024 में ग्रामीण डाक सेवक भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों ने पोर्टल पर दसवीं कक्षा की सेल्फ अटेस्टेड अंकसूची अपलोड की थी। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर चयन के बाद उन्हें अलग-अलग स्थानों पर पदस्थ किया गया था।

किसकी अंकसूची किस बोर्ड की निकली फर्जी?

आरोपित  ----- निवासी  ----- अंकसूची  ----- सेवा अवधि
मानवेंद्र सिंह सिकरवार  -----  मुरैना  -----  बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड  ----- 5 नवंबर 2024 से 18 जुलाई 2025
बद्री प्रसाद यादव  ----- टीकमगढ़  ----- मप्र राज्य ओपन बोर्ड  ----- 19 मई 2023 से 22 दिसंबर 2023
देवेंद्र सिंह चौहान  ----- देवास  ----- जम्मू-कश्मीर स्टेट ओपन  ----- 30 सितंबर 2024 से 18 जुलाई 2025
राजा बाबू अहिरवार  ----- सागर  ----- जम्मू-कश्मीर स्टेट ओपन  ----- 6 सितंबर 2024 से 23 जुलाई 2025
रमाकांत शर्मा  ----- मुरैना  ----- बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड  ----- 21 सितंबर 2024 से 17 सितंबर 2025
प्रदीप खरे -----  मुरैना  ----- बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड  ----- 7 सितंबर 2024 से 18 जुलाई 2025
सौरभ शर्मा  ----- मुरैना  ----- बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड  ----- 19 सितंबर 2024 से 24 जुलाई 2025
नयन कुमार  ----- मुरैना  ----- बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड  ----- 17 मई 2025 से 8 अप्रैल 2026

जबलपुर और कटनी में हुई थी पोस्टिंग

जांच के मुताबिक, फर्जी अंकसूचियों के आधार पर नौकरी पाने वाले सभी आठ अभ्यर्थियों ने जबलपुर से ग्रामीण डाक सेवक के पद पर नियुक्ति हासिल की थी। बाद में उनकी पोस्टिंग जबलपुर और कटनी जिले के अलग-अलग डाकघरों में की गई।

मानवेंद्र सिंह को कुंडम, राजा बाबू और सौरभ शर्मा को पाटन, प्रदीप खरे को कुड़ारी उमरिया-बरेला, नयन कुमार को रामखिरिया-शहपुरा, बद्री प्रसाद को संसारपुर, देवेंद्र सिंह को उमरिया पान और रमाकांत शर्मा को मोहतरा में पदस्थ किया गया था।

यह भी पढ़ें- ग्वालियर में 16 साल की किशोरी से दुष्कर्म, पहले दोस्ती फिर चैट के स्क्रीनशॉट से करने लगा ब्लैकमेल; दोस्त के फ्लैट में ले जाकर की दरिंदगी

कई राज्यों में फैला फर्जी अंकसूची का नेटवर्क

सीबीआई की जांच में फर्जी अंकसूली तैयार करने वाले गिरोह के कई राज्यों में सक्रिय होने की आशंका सामने आई है। जांच एजेंसी के अनुसार, यह नेटवर्क बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड, मध्य प्रदेश राज्य ओपन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर स्टेट ओपन और झारखंड एकेडमिक काउंसिल की फर्जी अंकसूचियां तैयार कर उन्हें हजारों रुपये में बेचता था।

अब सीबीआई इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी अंकसूचियां कहां तैयार होती थीं, इन्हें अभ्यर्थियों तक कौन पहुंचाता था और इस गिरोह में कितने लोग शामिल हैं।