ग्वालियर में 17 बांग्लादेशियों में से तीन पासपोर्ट का गवाह बना बौद्ध भिक्षु गिरफ्तार, बोला- गुरु ने कहा तो कर दिए दस्तखत
ग्वालियर में बांग्लादेशी नागरिकों के जाली दस्तावेजों से पासपोर्ट बनवाने में मदद करने वाले बौद्ध भिक्षु गया प्रसाद गौतम उर्फ ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।
HighLights
बौद्ध भिक्षु गया प्रसाद बांग्लादेशी पासपोर्ट मामले में गिरफ्तार।
ग्वालियर में तीन फर्जी पासपोर्ट में मुख्य गवाह बना था भिक्षु।
गुरु गुलाबराय के कहने पर हस्ताक्षर करने का दावा किया।
डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। बांग्लादेशी नागरिकों का जाली दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाने में मदद करने वाला बौद्ध भिक्षु गया प्रसाद गौतम उर्फ ज्ञान ज्योति गिरफ्तार कर लिया गया है। 70 वर्षीय गया प्रसाद गौतम ग्वालियर में बने 17 बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट में से तीन में मुख्य गवाह बना था एसटीएफ ने उसे ग्वालियर के चीनोर स्थित बनवार से गिरफ्तार किया है। उससे पूछताछ की जा रही है।
जब उससे पूछताछ की गई तो बोला- मैं सीधे रियाल चौधरी उर्फ मित्यानंद को नहीं जानता। बल्कि अपने गुरु गुलाबराय उर्फ सम्यक बोधि के कहने पर हस्ताक्षर कर दिए थे। गुलाबराय ही उसे जानता था, दोनों एक ही कमरे में रहते थे। उसने कहा तो हस्ताक्षर कर दिए। गुलाबराय उर्फ सम्यक बोधि ने भी गवाह बनकर हस्ताक्षर किए थे।
2019 में बना था बौद्ध भिक्षु
चीनोर के पुरा बनवार का रहने वाला गया प्रसाद गौतम 2019 में बौद्ध धर्म अपनाकर भिक्षु बना था। बौद्ध धर्म अपनाने के बाद उसका नाम ज्ञान ज्योति हो गया। उसे सभी भिक्षु ज्ञान ज्योति ही बुलाते थे। 2021 में जिस अवधि के दौरान बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बनवाने वाला सरगना रियाल चौधरी उर्फ मित्यानंद डबरा के सिमरिया टेकरी स्थित बौद्ध विहार व आंबेडकर पार्क में रुका था। उस समय आंबेडकर पार्क की जिम्मेदारी भिक्षु गया प्रसाद गौतम उर्फ ज्ञान ज्योति ही संभाल रहा था।
दस्तावेजों की पड़ताल में सामने आया नाम
जब एसटीएफ ने 17 बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बनने में उपयोग हुए दस्तावेजों की जांच की तो उसमें से तीन पासपोर्ट में बतौर गवाह गयाप्रसाद गौतम ही सामने आया। इसके बाद एसटीएफ की टीम ने उसे इस केस में नामजद किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। अभी उससे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने गुलाबराय उर्फ सम्यक बोधि निवासी जनकगंज को भी आरोपित बनाया है। उसकी तलाश चल रही है। एसटीएफ जब बौद्ध भिक्षु गया प्रसाद गौतम को पकड़ने पहुंची तो वह और उसके स्वजन अस्पताल की फाइल दिखाने लगे। इन लोगों ने बताया कि लकवा मार गया था। इसके चलते उसका इलाज चल रहा है। अब वह घर से बाहर भी नहीं निकलता है।
आशंका- रुपयों के बदले हस्ताक्षर कर दिए
एसटीएफ को आशंका है कि बौद्ध भिक्षु ने रुपयों के बदले हस्ताक्षर किए हैं। सामान्य परिस्थिति में कोई भी अनजान व्यक्ति से कुछ दिनों की मुलाकात में उसके किसी भी ऐसे दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं करता। इस संबंध में पूछताछ की की जाएगी।
पहले सरपंच था, बाद में बन गया बौद्ध भिक्षु
गया प्रसाद उर्फ ज्ञान ज्योति पुरा बनवार गांव का सरपंच रहा है। दो बार वह यहां से सरपंच रहा। इसके बाद बौद्ध धर्म अपनाकर बौद्ध भिक्षु बन गया। गुलाबराय ने उसे दीक्षा दिलाई थी।
देशविरोधी साजिश खुली तो गुलाबराय पहुंचा विदिशा पुलिस के पास
इस मामले में नई कहानी सामने आई है। जैसे ही इस देशविरोधी साजिश का राजफाश हुआ तो गुलाबराय उर्फ सम्यक बोधि खुद विदिशा पुलिस के पास पहुंच गया। उसने बताया कि रियाल चौधरी उर्फ मित्यानंद उसके बैंक खाते को ऑपरेट कर रहा था। उसके खाते से रुपये भी निकाल लिए। इसकी शिकायत करने वह विदिशा पुलिस के पास पहुंचा।
अमोला-झांसी, विदिशा में शिविर में साथ रहे
रियाल चौधरी और गया प्रसाद गौतम को भिक्षु बनाने वाले गुलाबराय गौतम अमोला-झांसी और विदिशा में साथ रहे हैं। यहीं मुलाकात हुई थी।
बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बनवाने में गवाह बना बौद्ध भिक्षु गया प्रसाद पकड़ा गया है। उसने अपने हस्ताक्षर किए थे। पुलिस सत्यापन में भी मदद की थी।
राजेश सिंह भदौरिया, एसपी, एसटीएफ।
