मां ने रील देखने से रोका तो घर से निकला 8 साल का बच्चा, चंडीगढ़ से ट्रेन में बैठकर पहुंच गया ग्वालियर; ऐसे मिला परिवार
मोबाइल पर रील्स देखने से रोकने पर एक आठ साल का बच्चा चंडीगढ़ से बिना बताए घर से निकल गया। ...और पढ़ें

-फोटो AI से तैयार की गई है।
HighLights
आठ साल का बच्चा रील्स देखने से रोकने पर घर से भागा।
चंडीगढ़ से ट्रेन में बैठकर सैकड़ों किलोमीटर दूर ग्वालियर पहुंचा।
टीटीई की सतर्कता से आरपीएफ ने बच्चे को परिवार से मिलाया।
डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। मोबाइल पर रील्स देखने से रोकना आठ साल के बच्चे को इतना नागवार गुजरा कि वह बिना बताए घर से निकल गया और ट्रेन में बैठकर सैकड़ों किलोमीटर दूर ग्वालियर पहुंच गया। चंडीगढ़-इंदौर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में अकेले सफर कर रहे बच्चे पर चेकिंग के दौरान टीटीई की नजर पड़ी। संदेह होने पर टीटीई ने तत्काल रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कंट्रोल रूम को सूचना दी। ट्रेन के ग्वालियर पहुंचते ही आरपीएफ ने बच्चे को सुरक्षित उतारा और उसकी मां से फोन पर बात कराई। इसके बाद स्वजन उसे लेने ग्वालियर पहुंचे।
रील्स देखने से रोका तो घर से निकल गया
बच्चा चंडीगढ़ का रहने वाला बताया जा रहा है। घर में मोबाइल पर रील्स देखने को लेकर उसे रोका गया था। इससे नाराज होकर वह बिना किसी को बताए घर से निकल गया और चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचकर ट्रेन में सवार हो गया।
बच्चे को यह अंदाजा भी नहीं था कि ट्रेन उसे कितनी दूर लेकर जा रही है। वह अकेले ही सफर करता हुआ ग्वालियर तक पहुंच गया।
अकेले बच्चे को देखकर टीटीई को हुआ शक
ट्रेन नंबर 19308 चंडीगढ़-इंदौर एक्सप्रेस में नियमित चेकिंग के दौरान टीटीई की नजर स्लीपर कोच में अकेले बैठे बच्चे पर पड़ी। उसके साथ कोई अभिभावक नहीं था। पूछताछ में स्थिति संदिग्ध लगने पर टीटीई ने बिना देर किए आरपीएफ कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दी।
ट्रेन के ग्वालियर पहुंचने पर आरपीएफ की टीम ने बच्चे को सुरक्षित ट्रेन से उतार लिया। बातचीत के दौरान उसके परिवार के बारे में जानकारी जुटाई गई। इसके बाद आरपीएफ ने बच्चे की मां से संपर्क किया और फोन पर उसकी बात भी कराई।
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टीटीई की सतर्कता से सुरक्षित मिला बच्चा
टीटीई की समय रहते नजर पड़ने से बच्चे को सुरक्षित बरामद किया जा सका। यदि चेकिंग के दौरान उस पर ध्यान नहीं जाता तो वह ट्रेन से आगे कहां तक पहुंच जाता, इसकी जानकारी परिवार को भी नहीं होती। आरपीएफ ने बच्चे को सुरक्षित रखने के साथ उसके परिजन से संपर्क स्थापित किया और आगे की आवश्यक प्रक्रिया पूरी की।
