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कुल्हाड़ी, भाला और नुकीले पत्थर; भोपाल में पार्क की मिट्टी बहने से मिले आदिमानव काल के हथियार, विशेषज्ञों ने कह दी बड़ी बात

Bhopal भोपाल के एक पार्क में पौधारोपण के दौरान खुदाई में कई ऐसे हथियार मिले हैं जिनकी आदिमानव काल के होने की आशंका जताई गई है। ये हथियार साबित करते हैं कि इस क्षेत्र में आदि मानवों का बसेरा रहा होगा। विशेषज्ञों ने भी इन अवशेषों को लेकर कई दावे किए हैं। एक दर्जन ऐसे पत्थर मिले हैं जो कुल्हाड़ी भाला जैसे हथियार नजर आते हैं।

By Jagran News Edited By: Sachin Pandey Thu, 11 Jul 2024 08:32 PM (IST)
कुल्हाड़ी, भाला और नुकीले पत्थर; भोपाल में पार्क की मिट्टी बहने से मिले आदिमानव काल के हथियार, विशेषज्ञों ने कह दी बड़ी बात
दर्जनों ऐसे पत्थर मिले हैं जो कुल्हाड़ी, भाला जैसे हथियार नजर आते हैं। (सांकेतिक तस्वीर)

ब्रजेंद्र वर्मा, भोपाल। शहर के ईकोलॉजिकल पार्क में वर्षा के दौरान मिट्टी बहने से पुरातनकाल के हथियार निकले हैं। इनके आदिमानव काल का होने की संभावना जताई गई है। एक दर्जन ऐसे पत्थर मिले हैं जो कुल्हाड़ी, भाला जैसे हथियार नजर आते हैं।

पुरावशेषों पर शोध करने वाले पुरातत्वविद डॉ. नारायण व्यास का मानना है कि ये पत्थर के हथियार आदिमानवों के हो सकते हैं, जो जांच के बाद स्पष्ट होगा। उन्होंने पुरातन हथियार मिलने की जानकारी पुरातत्व विभाग को दे दी है। ये पुरातन हथियार पार्क में उन्हें पौधारोपण करने के दौरान मिले हैं।

आदिमानवों के बसेरे की संभावना

उनका कहना है कि भोपाल विंध्य पर्वतमालाओं से घिरा है। भोपाल व आसपास के क्षेत्रों में मिलने वाले शैलचित्रों व पुरातन युग के पत्थरों से स्पष्ट होता है कि यह क्षेत्र आदिमानव का बसेरा रहा होगा। उन्होंने बताया कि ईकोलॉजिकल पार्क से पहले कलियासोत नदी के आसपास भी पुरातनकाल के औजार मिले थे।

उन्होंने भोपाल सहित देश के अलग-अलग क्षेत्रों में आदिमानव का इतिहास जानने के लिए शोध किए हैं। स्पेन जाकर भी आदिमानवों के संसार का तुलानात्मक अध्ययन किया है। जो पुरातनकाल के हथियार मिले हैं, उसे डॉ. व्यास ने निजी संग्रहालय में रखा है।

पुरातत्व विभाग को देनी होती है सूचना

इसको लेकर सवाल उठने पर सेवानिवृत पुरातत्वविद बीके लोखंडे ने साफ किया कि जमीन की खुदाई के दौरान जो पुरावशेष मिलते हैं, वो धरोहर के रूप भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण व राज्य पुरातत्व को सौंपे जाते हैं। ऐसी संभावित जगहों पर किसी अन्य को खुदाई की अनुमति नहीं होती है। यदि अनुमति से खुदाई की गई तो ऐसे औजार का पता चलने पर पुरातत्व अधिकारियों को सूचना देनी होती है।

यदि किसी को पुरातनकाल के औजार मिलते हैं तो कलेक्टर को सूचित कर इसे पुरातत्व अधिकारियों को सौंप देना चाहिए। इसकी एक कमेटी रहती है, जो इस तरह के औजारों व अवशेषों की जांच करती है।

-उर्मिला शुक्ला, आयुक्त पुरातत्व मप्र।