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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'इसमें कौनसी बड़ी बात हैं', BJP विधायक चैतन्य कश्यप के सैलरी न लेने के फैसले पर उमा भारती ने किए सवाल

Published: Wed, 27 Dec 2023 03:10 PM (IST)

चैतन्य काश्यप द्वारा वेतन-भत्ते नहीं लेने के फैसले पर मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma Bharti ) ने ...और पढ़ें

उमा भारती (LEFT) BJP विधायक चैतन्य कश्यप (RIGHT)
उमा भारती (LEFT) BJP विधायक चैतन्य कश्यप (RIGHT)

HighLights

  1. BJP विधायक चैतन्य कश्यप के सैलरी न लेने के फैसले पर उमा भारती ने किए सवाल
  2. भाजपा विधायक चेतन्य कश्यप ने वेतन और भत्ते नहीं लेने का ऐलान किया
  3. रतलाम शहर से विधायक हैं चैतन्य कश्यप

डिजीटल डेस्क, नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के सबसे अमीर भाजपा विधायक चेतन्य कश्यप ने वेतन और भत्ते नहीं लेने का ऐलान किया है। बता दें कि रतलाम शहर से विधायक चैतन्य कश्यप ने वेतन-भत्ते नहीं लिए है। उनके इस फैसले के बाद से सियासत गरमा गई है।

इस बीच मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने इस मुद्दें पर अपने विचार साझा किए हैं। सोशल मीडिया X (पूर्व में ट्विटर) पर उन्होंने अपने ही नेता से सवाल-जवाब किए और कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों को सैलरी आज की परिस्थिति को देखते हुए हिसाब से मिलना चाहिए।

कौन सी बड़ी बात?

बुधवार (27 दिसंबर) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उमा भारती ने चेतन कश्यप द्वारा लिए गए फैसले पर लिखा, 'हाल ही में मंत्री बने तथा रतलाम के एक संपन्न जैन व्यवसायी चेतन कश्यप ने अपनी संपत्ति 296 करोड़ घोषित की हैं । अभी कुछ दिनों पहले मध्यप्रदेश के अखबारों में उनकी तारीफ लिखी थी की वो अपना विधायक का वेतन नहीं लेते जो की साल भर का करीब 12 लाख होता हैं । 296 करोड़ वाला व्यक्ति अगर सरकार के 12 लाख छोड़ देता है तो इसमें कौनसी बड़ी बात हैं।'

उमा भारती ने दे डाली सलाह

उमा भारती ने चेतन कश्यप को सलाह देते हुए आगे लिखा, 'चेतन कश्यप सरकार को वेतन वापिस करने के बजाय वह राशि अभावग्रस्त लड़कियां की शिक्षा पर खर्च करें। उन्होंने आगे कहा कि हमे यह याद रखना पड़ेगा की सभी विधायक बड़े व्यवसायी नहीं होते और ना वो राजनीति से अपना व्यवसाय बढ़ाते हैं।'

वरूण गांधी की इस बात को किया याद

उमा भारती ने वरूण गांधी की एक सलाह को याद करते हुए लिखा, 'एक बार सांसद वरुण गांधी ने कहा था की सांसदों को तनखा एवं पेंशन नहीं लेना चाहिए। वरुण गांधी ऐसा कर सकते है क्यूंकि वो हजारों करोड़ों की पैतृक संपत्ति के मालिक है। अपना सर्वस्व त्यागकर राजनीति के माध्यम से जनसेवा करने वाले जनप्रतिनिधियों को हर तरह की सहूलियत सरकार से मिलनी चाहिए।'

आज की परिस्थिति से मिले वेतन

उमा भारती ने सलाह दी और कहा, 'अगर विधायकों और सांसदों को ईमानदारी की राह पर चलना आसान बनाना है तो चेतन कश्यप जैसे पूंजीपति विधायकों को छोड़कर सभी विधायक की तनखा एवं अन्य भत्ते आज की सभी परिस्थितियों को देखकर मिलना चाहिए।'

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