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MP में एक ही दिन में दो बाघों की मौत: रातापानी में करंट से मृत्यु की आशंका तो कान्हा रिजर्व में आपसी संघर्ष में गंवाई जान

Published: Mon, 28 Sep 2026 10:09 PM (IST)

मध्य प्रदेश में एक ही दिन में दो बाघों की मौतें हुईं। रातापानी अभयारण्य में एक सात वर्षीय बाघ की ...और पढ़ें

बाघ की मौत। (प्रतीकात्मक चित्र)

बाघ की मौत। (प्रतीकात्मक चित्र)

HighLights

  1. रातापानी में सात वर्षीय बाघ की करंट से मौत की आशंका।

  2. कान्हा टाइगर रिजर्व में 11 माह की मादा शावक की मृत्यु।

  3. वन विभाग की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 'टाइगर स्टेट' मध्य प्रदेश में सोमवार को बाघों की मौत की दो घटनाएं सामने आईं। रातापानी अभयारण्य के दाहोद रेंज से लगे खेत में करीब सात वर्षीय बाघ का शव मिला, जिसकी मौत करंट लगने से होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं कान्हा टाइगर रिजर्व में करीब 11 माह के मादा बाघ शावक की मौत आपसी संघर्ष में हो गई।

खेत में मिला सात साल के बाघ का शव

रातापानी अभयारण्य से सटे खेत में सोमवार सुबह बाघ का शव पड़ा मिला। घटना की जानकारी पहले ग्रामीणों में चर्चा तक सीमित रही। दोपहर बाद नूरगंज पुलिस को इसकी सूचना मिली, जिसके बाद वन विभाग को जानकारी दी गई।

सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचे। बाघ के शव को औबेदुल्लागंज ले जाया गया है। मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बाघ की मौत खेत में लगाए गए जीआई तार में प्रवाहित करंट की चपेट में आने से हुई हो सकती है। जिस खेत में शव मिला है, वहां धान की फसल लगी है। बताया गया है कि इस जमीन को किसान जगदीश मालवीय ने एक वर्ष के लिए किराए पर लिया है।

ग्रामीणों के अनुसार, खेत से लगे पठार क्षेत्र में पिछले करीब तीन महीनों से बाघ, बाघिन और उनके शावकों की आवाजाही बनी हुई थी। वन विभाग को भी इस क्षेत्र में बाघों की मौजूदगी की जानकारी थी।

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कान्हा में मादा शावक की मौत

दूसरी घटना कान्हा टाइगर रिजर्व के कान्हा परिक्षेत्र की है। नक्तीघाटी बीट के कक्ष क्रमांक 138 में सोमवार सुबह गश्ती दल को करीब 11 माह की मादा बाघ शावक का शव मिला।

शव के आसपास दूसरे बाघ के पदचिह्न और रक्त के निशान भी पाए गए। कान्हा प्रबंधन के अनुसार, प्रथम दृष्टया शावक की मौत आपसी संघर्ष के कारण हुई है। घटना की जांच और आवश्यक प्रक्रिया वन विभाग की ओर से की जा रही है।

इस तरह एक ही दिन मध्य प्रदेश के दो महत्वपूर्ण बाघ क्षेत्रों से बाघों की मौत की घटनाएं सामने आने के बाद वन विभाग की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।