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'त्विषा की सास ने सबूतों से छेड़छाड़ की कोशिश की', हाई कोर्ट ने भेजा नोटिस; 25 मई को होगी अगली सुनवाई

Published: Sat, 23 May 2026 07:52 AM (IST)

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में उनकी सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत रद करने के लिए नोटिस जारी किया है।

हाई कोर्ट ने रिटायर्ड जज सास गिरिबाला सिंह को भेजा नोटिस

हाई कोर्ट ने रिटायर्ड जज सास गिरिबाला सिंह को भेजा नोटिस

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 12 मई को भोपाल में अपने ससुराल में हुई त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले की जांच जारी है। शुक्रवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने त्विषा की सास, रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी किया। यह नोटिस राज्य सरकार की उस अर्जी पर दिया गया, जिसमें सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका के आधार पर उनकी अग्रिम जमानत रद करने की मांग की गई थी।

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा यह नोटिस ऐसे समय में जारी किया गया है, जब त्विषा शर्मा के पति समर्थ सिंह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जबलपुर कोर्ट में सरेंडर की कोशिश की, लेकिन कानूनी क्षेत्राधिकार की दीवार के आगे उसकी यह रणनीति काम नहीं आई और सरेंडर से ठीक पहले गिरफ्तार कर लिया गया।

त्विषा का परिवार नोएडा से भोपाल में डेरा डाले हुए था और उसकी मौत में किसी गड़बड़ी के आरोपों की ठीक से जांच की मांग कर रहा था। उन्हें दिन में पहले ही बता दिया गया था कि MP सरकार ने औपचारिक रूप से जांच CBI को सौंप दी है।

त्विषा सास गिरिबाला पर आरोप है कि त्विषा की मौत के कुछ ही घंटों के भीतर उन्होंने असरदार लोगों और CCTV टेक्नीशियनों को फोन किया था। MP सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाई कोर्ट में गिरिबाला की अग्रिम जमानत रद करने की राज्य सरकार की अर्जी पर सुनवाई के दौरान कहा कि यह मानने का पूरा आधार है कि उन्हें जमानत बहुत जल्दबाजी में दी गई थी।

गौरतलब है कि त्विषा का पोस्टमॉर्टम 13 मई को AIIMS भोपाल में हुआ था। इसके अगले ही दिन त्विषा की सास गिरिबाला ने अगले ही दिन अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दे दी थी। उन्होंने बताया कि एक सेशन कोर्ट ने 24 घंटे के भीतर ही उनकी अर्जी मंजूर कर ली थी।

AIIMS के डॉक्टरों द्वारा दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने की HC ने दी मंजूरी

MP हाई कोर्ट ने शुक्रवार को आदेश दिया कि भोपाल में त्विषा शर्मा के शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम AIIMS दिल्ली के डॉक्टरों की एक टीम द्वारा किया जाए। त्विषा के पति ने कहा कि उन्हें दूसरी बार पोस्टमॉर्टम करवाने पर कोई आपत्ति नहीं है। त्विषा के पिता ने इसकी मांग इस आधार पर की थी कि 12 मई को कथित आत्महत्या से हुई उनकी मौत के हालात पर शक करने की वजहें मौजूद हैं।

25 मई को होगी अगली सुनवाई

राज्य सरकार ने हाई कोर्ट से यह भी गुजारिश की कि वह त्विषा के परिवार के उन आरोपों पर संज्ञान ले, जिनमें कहा गया था कि रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला जांच में रुकावट डालने की कोशिश कर रही थीं। पुलिस के इस बयान से भी इन आरोपों को बल मिला कि वह जांचकर्ताओं के साथ सहयोग नहीं कर रही थीं। गिरिबाला को नोटिस जारी करने के बाद, बेंच ने अगली सुनवाई 25 मई के लिए तय की।

पुलिस ने गुरुवार को उन्हें तीसरा और आखिरी नोटिस दिया, जिसमें उनसे इस मामले में अपना बयान दर्ज करवाने के लिए कहा गया था। पिछले दो नोटिस उन्हें नहीं दिए जा सके थे, क्योंकि कथित तौर पर दोनों ही मौकों पर वह अपने घर पर मौजूद नहीं थीं। पुलिस के तीसरी बार जाने पर भी वह घर पर नहीं मिलीं, जिसके बाद नोटिस उनके मोबाइल नंबर पर WhatsApp के जरिए भेज दिया गया।

जांच CBI को सौंपे जाने के बाद, अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी एक नया केस दर्ज करेगी और MP पुलिस से केस से जुड़े दस्तावेज, फोरेंसिक सामग्री, डिजिटल सबूत और केस डायरी अपने कब्जे में लेगी। जांच सौंपने वाले नोटिफिकेशन में यह जिक्र है कि CBI का काम इस केस से जुड़े या इससे पैदा होने वाले किसी भी अपराध, उकसावे या साजिश की जांच करना है। इससे कटारा हिल्स पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR का दायरा और बढ़ गया है, जिसमें कथित तौर पर दहेज के लिए हत्या, पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता और साझा इरादे के आरोप लगाए गए थे।

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