विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chhath Puja 2022: नहाय-खाय के साथ छठ महापर्व की शुरुआत, नोट कर लें सूर्य को अर्घ्‍य देने का समय

By Jagran NewsEdited By: Babita Kashyap
Published: Fri, 28 Oct 2022 10:51 AM (IST)

Chhath Puja 2022 आज शुक्रवार 28 अक्‍टूबर से छठ महापर्व की शुरुआत हो चुकी है। इस दिन व्रती महिलाएं स्नान ...और पढ़ें

Chhath Puja 2022: नहाय-खाय के साथ आज (28 अक्टूबर) छठ महापर्व की शुरुआत
Chhath Puja 2022: नहाय-खाय के साथ आज (28 अक्टूबर) छठ महापर्व की शुरुआत

भोपाल, जागरण आनलाइन डेस्‍क। Chhath Puja 2022: नहाय-खाय के साथ आज (28 अक्टूबर) छठ महापर्व की शुरुआत हो चुकी है। भोजपुरी समाज के साढ़े तीन लाख से अधिक लोग राजधानी भोपाल में दो दर्जन से अधिक स्थानों पर छठ पर्व मनाएंगे। ऐसी मान्‍यता है कि छठ पूजा घर में सुख, समृद्धि और संतान के लिए की जाती है और व्रती की समस्‍त मनोकामनाएं पूर्ण होती है।

29 अक्‍टूबर को खरना 

नहाय- खाय के साथ शुक्रवार को छठ पर्व की शुरुआत हो गई है। इस दिन व्रत रखने वाली महिलाएं स्नान कर सात्विक भोजन करती हैं। जिसे नहाय खाय के नाम से जाना जाता है। नहाय-खाय के अगले दिन ( 29 अक्‍टूबर, शनिवार) खरना होगा। बता दें कि खरना कार्तिक शुक्ल की पंचमी तिथि को होता है। इस दिन व्रती दिन भर व्रत रखते हैं और शाम को भगवान को प्रसाद चढ़ाकर भोजन करते हैं।

खाने में वे गुड़ की खीर खाते हैं। इस दौरान अगर किसी तरह की आवाज सुनाई दे तो वो खाना छोड़ देते हैं। खरना के दिन इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है कि भक्त के कानों में किसी प्रकार का कोई शोर न पहुंचे, खरना के दिन सड़कों पर कम से कम वाहन दौड़ते हैं। लोग इस बात का ध्यान रखते हैं कि किसी प्रकार का शोर न हो, क्योंकि जरा सा भी शोर सुनाई दिया तो व्रती खाना छोड़ देगा।

निर्जला व्रत रख की जाएगी सूर्य उपासना

30 अक्टूबर को शहर में एक दर्जन से अधिक जगहों पर छठ पूजा के सामूहिक आयोजन होंगे। श्रद्धालु निर्जला व्रत रखेंगे और शाम को घाटों पर सूर्य भगवान की उपासना करेंगे। व्रत घाट पर पहुंचने के बाद गन्ना व अन्य मौसमी फल, बांस के सूप में रख सूर्य भगवान को अर्घ्य देंगे। इस खास अवसर पर शहर में विभिन्‍न स्‍थानों व घाटों पर पूजा के लिए विशेष प्रबंध किया गया है। मंदिरों व अनेक स्‍थानों पर पूजा कुंड भी तैयार किए गए हैं। जिससे व्रती सूर्य देव को अर्घ्‍य दें सकें।

सूर्य को अर्घ्य देने का समय

उदीयमान सूर्य को अर्घ्य 31 अक्टूबर 2022, सोमवार को दिया जाएगा। पंचांग के अनुसार इस 31 अक्टूबर को सूर्योदय का समय सुबह 06.32 बजे है। इस दिन व्रती महिलाएं छठ घाटों पर उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दे सूर्य भगवान से सुख समृद्धि और आरोग्यता की कामना करेंगी। उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही लोक आस्था का यह महापर्व छठ संपन्न हो जाएगा।

यह भी पढ़ें-

Chhath Puja 2022: छठ का प्रसाद शरीर को बनाता है ऊर्जावान, वैज्ञानिक कारणों से भी यह अनूठा महापर्व

बिहार में छठ महापर्व नहाय-खाय के साथ शुरू, चार दिनों तक ऐसे व्रत करते हैं; पटना के घाटों पर उमड़े व्रती