विदिशा गोल्ड लोन घोटाले की जांच में निलंबित बैंककर्मी ने खुद को गोली मारी हालत गंभीर
निलंबित बैंककर्मी मनोज सोनी ने अपने फार्म हाउस पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर हालत में ...और पढ़ें

घायल मनोज सोनी को ले जाते स्वजन व स्वास्थ्यकर्मी।
HighLights
निलंबित एसबीआई कर्मी मनोज सोनी ने खुद को गोली मारी।
विदिशा गोल्ड लोन घोटाले की जांच के बीच हुई घटना।
गंभीर हालत में भोपाल रेफर, पुलिस मामले की जांच में जुटी।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। विदिशा में करोड़ों रुपये के चर्चित एसबीआई गोल्ड लोन फर्जीवाड़े की जांच के बीच शनिवार को एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया। मामले की जांच के दायरे में आए एसबीआई के निलंबित कर्मचारी मनोज सोनी ने कथित तौर पर अपने फार्म हाउस पर स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर हालत में उन्हें पहले जिला अस्पताल और बाद में मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां से बेहतर उपचार के लिए भोपाल रेफर कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 11 बजे खामखेड़ा स्थित फार्म हाउस पर गोली चलने की आवाज सुनकर वहां मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों ने तत्काल परिजनों को सूचना दी और घायल मनोज सोनी को अस्पताल पहुंचाया।
हृदय के पास लगा छर्रा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, छर्रे वाली बंदूक से चली गोली के कई छर्रे शरीर के ऊपरी हिस्से में लगे हैं। इनमें से एक छर्रा हृदय के समीप लगने की बात सामने आई है, जिसके चलते उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी।
जांच के घेरे में था नाम
बताया जा रहा है कि गोल्ड लोन फर्जीवाड़े की जांच के दौरान मनोज सोनी का नाम भी सामने आया था। दो दिन पहले ही जांच एजेंसियों ने उनके परिवार से जुड़े एमपी ज्वेलर्स प्रतिष्ठान पर कार्रवाई करते हुए उसे सील किया था। वहीं चार दिन पूर्व बैंक प्रबंधन ने उन्हें निलंबित कर दिया था। इसके बाद से वे लगातार जांच एजेंसियों की निगरानी में थे।
तीन करोड़ से अधिक के संदिग्ध गोल्ड लोन का मामला
एसबीआई गोल्ड लोन फर्जीवाड़ा जिले में टीलाखेड़ी निवासी गोलू साहू सहित अन्य लोगों की शिकायत के बाद उजागर हुआ था। आरोप है कि कम गुणवत्ता या कथित रूप से नकली सोना गिरवी रखकर कई लोगों के नाम पर गोल्ड लोन स्वीकृत किए गए और करोड़ों रुपये की राशि निकाली गई।
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बैंक के आंतरिक ऑडिट में सामने आया कि करीब 80 खातों के माध्यम से तीन करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध ऋण स्वीकृत किए गए। मामले में अभिराज शर्मा, भानु शर्मा और अजय विश्वकर्मा के नाम भी शिकायत में शामिल हैं।
सीबीआई और विजिलेंस की जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक की विजिलेंस टीम के साथ अन्य जांच एजेंसियां भी सक्रिय हैं। शाखा प्रबंधक को पहले ही निलंबित किया जा चुका है, जबकि अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जांच जारी है। हाल ही में सीबीआई की टीम ने भी विदिशा पहुंचकर सराफा कारोबारियों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की और स्वर्णकार कॉलोनी स्थित एमपी ज्वेलर्स में जांच कार्रवाई की।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गोल्ड लोन स्वीकृत करने की प्रक्रिया में सोने की गुणवत्ता के परीक्षण और मूल्यांकन के दौरान किस स्तर पर अनियमितताएं हुईं।
पुलिस कर रही पड़ताल
कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज ने बताया कि मनोज सोनी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। पुलिस आत्महत्या के प्रयास के कारणों और पूरे घटनाक्रम की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।
