भोपाल में NSG की मॉकड्रिल के दौरान दर्दनाक हादसा, STF कमांडो की हार्ट अटैक से मौत
भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में एनएसजी मॉक ड्रिल के दौरान एसटीएफ कमांडो रावेंद्र भदौरिया की हार्ट अटैक से मौत ...और पढ़ें

एसटीएफ कमांडो रावेंद्र भदौरिया।

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। राजधानी के लाल परेड ग्राउंड में चल रही एनएसजी मॉक ड्रिल के दौरान एक एसटीएफ कमांडो की अचानक मौत से पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार को अभ्यास के बीच तबीयत बिगड़ने पर जवान बैरक में आराम करने गया, जहां कुछ देर बाद वह अचेत अवस्था में मिला। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने हार्ट अटैक से मौत की पुष्टि की।
ड्रिल के बीच बिगड़ी तबीयत
35 वर्षीय रावेंद्र भदौरिया उर्फ सोनू, रायसेन जिले के उदयपुरा के निवासी थे। वे 2011 बैच के एसएएफ कांस्टेबल थे और 2013 से एसटीएफ में सेवाएं दे रहे थे। कमांडो ट्रेनिंग प्राप्त भदौरिया इन दिनों भोपाल के नेहरू नगर पुलिस लाइन में तैनात थे।
चार अप्रैल से चल रही मॉक ड्रिल के तीसरे दिन सुबह करीब 8 बजे वे अभ्यास में शामिल हुए। करीब 9 बजे अचानक तबीयत बिगड़ने पर वे चुपचाप कंट्रोल रूम के पीछे स्थित बैरक में चले गए। करीब एक घंटे बाद साथियों ने उन्हें अचेत पाया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
जांच शुरू, पोस्टमॉर्टम के बाद सौंपा गया शव
घटना की सूचना मिलते ही अरेरा हिल्स थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। जवान की असामयिक मौत से विभाग में गहरा दुख व्याप्त है।
हाई-रिस्क ऑपरेशन की ट्रेनिंग जारी
मॉक ड्रिल में National Security Guard द्वारा आतंकवादी हमले की स्थिति का वास्तविक अभ्यास कराया जा रहा था। इसमें एसटीएफ और एटीएस के जवानों को हाई-रिस्क ऑपरेशन से निपटने की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। 7 अप्रैल से इस प्रशिक्षण को और विस्तृत किया जाना प्रस्तावित है।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
राजधानी में सुरक्षा एजेंसियों के अभ्यास के दौरान पहले भी दुर्घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मई 2025 में भदभदा स्थित बटालियन में मॉक ड्रिल के दौरान विस्फोट होने से दो जवान घायल हो गए थे।
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मेडिकल तैयारी पर उठे सवाल
ताजा घटना के बाद मॉक ड्रिल के दौरान चिकित्सा सुविधाओं और आपातकालीन प्रतिक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे उच्च-जोखिम प्रशिक्षण के दौरान त्वरित मेडिकल सपोर्ट और निगरानी व्यवस्था और मजबूत होनी चाहिए।
