सांची की पहाड़ी पर एक माह से दहशत का सबब बना तेंदुआ पिंजरे में कैद, वन विहार भेजा गया
सांची की पहाड़ी पर एक महीने से दहशत फैला रहा तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। ...और पढ़ें

पिंजरे में कैद तेंदुआ।
HighLights
सांची पहाड़ी पर एक माह से दहशत फैला रहा तेंदुआ पकड़ा गया।
वन विभाग 20 दिन से तेंदुए को पकड़ने के अभियान में जुटा था।
पकड़े गए तेंदुए को स्वास्थ्य जांच उपरांत वन विहार भेजा।
डिजिटल डेस्क, रायसेन। जिले की विश्व धरोहर स्थल सांची की पहाड़ी और माची क्षेत्र में करीब एक महीने से घूम रहे तेंदुए को आखिरकार वन विभाग ने पकड़ लिया। सोमवार देर रात करीब 11:30 बजे तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। इसके बाद स्थानीय लोगों के साथ-साथ सांची घूमने आने वाले पर्यटकों ने भी राहत की सांस ली।
वन विभाग के एसडीओ रजनीश कुमार शुक्ला के मुताबिक, पिछले एक महीने से सांची स्तूप परिसर और आसपास की पहाड़ी पर तेंदुए की लगातार गतिविधियां सामने आ रही थीं। तेंदुए की मौजूदगी से क्षेत्र में दहशत का माहौल था और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर भी वन विभाग सतर्क था।
20 दिन से चल रहा था पकड़ने का अभियान
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने करीब 20 दिन पहले क्षेत्र में दो पिंजरे लगाए थे। इसके लिए दो विशेष टीमें तैनात की गई थीं। एक टीम दिन के समय जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में गश्त करती थी, जबकि दूसरी टीम रातभर पिंजरों के आसपास निगरानी रखती थी।
लगातार निगरानी और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के बाद वन विभाग ने पिंजरे में मांस रखा। सोमवार रात तेंदुआ शिकार के लालच में पिंजरे के भीतर पहुंच गया और उसमें कैद हो गया।
स्वास्थ्य जांच के बाद वन विहार भेजा
तेंदुए के पकड़े जाने के बाद वन विभाग ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से भोपाल स्थित वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भेज दिया गया। वन विभाग के अनुसार, आगे की प्रक्रिया पूरी करने के बाद तेंदुए को उपयुक्त घने जंगल में छोड़ा जाएगा।
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तेंदुए के पकड़े जाने के बाद सांची के पहाड़ी क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा को लेकर बनी चिंता फिलहाल कम हुई है। हालांकि, वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे पहाड़ी और जंगल क्षेत्र में अकेले न जाएं। किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसे छेड़ने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
