विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

‘6 करोड़ में केस खत्म’! सागर के पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप, ड्रग्स केस में फंसाने की शिकायत पर CID ने शुरू की जांच

Published: Sat, 11 Apr 2026 03:17 PM (IST)

मध्य प्रदेश के सागर जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। कोलकाता के एक कारोबारी ने मोती ...और पढ़ें

कोलकाता के कारोबारी ने सागर के पुलिसकर्मियों पर लगाए गंभीर आरोप (AI Generated Image)

कोलकाता के कारोबारी ने सागर के पुलिसकर्मियों पर लगाए गंभीर आरोप (AI Generated Image)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश के सागर जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मोती नगर थाने के कुछ पुलिसकर्मियों पर कोलकाता के एक कारोबारी ने सनसनीखेज आरोप लगाए हैं, जिसके बाद सीआईडी के विजिलेंस थाने में प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज कर ली गई है।

शिकायत के मुताबिक कारोबारी का आरोप है कि उसके दामाद को एनडीपीएस एक्ट के तहत जबरन ड्रग केस में फंसाया गया। इतना ही नहीं, केस को रफा-दफा करने के नाम पर अज्ञात कॉल्स के जरिए छह करोड़ रुपये की मांग भी की जा रही है। हालांकि, शिकायत में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये कॉल्स पुलिसकर्मियों द्वारा ही किए गए थे या नहीं।

कारोबारी ने इस पूरे मामले की शिकायत डीजीपी से भी की थी, जिसके बाद सीआईडी ने प्राथमिक जांच शुरू की। जांच में पुलिसकर्मियों की संभावित संलिप्तता के संदेह के आधार पर पीई दर्ज की गई है। अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी, जिसमें एफआईआर दर्ज होने की भी संभावना जताई जा रही है।

दरअसल, मामला पिछले साल अगस्त का है, जब सागर के मोती नगर थाना पुलिस ने शिवपुरी से एक कथित ड्रग पेडलर को एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपित ने मुंबई के एक सप्लायर और कोलकाता के एक व्यक्ति का नाम लिया था। इसी दौरान पुलिस की मौजूदगी में कोलकाता के संदिग्ध से फोन पर करीब एक मिनट बातचीत हुई, जिसके आधार पर उसे भी आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में पुलिस पहले ही कोर्ट में चालान पेश कर चुकी है।

यह भी पढ़ें- मौत की मांद से निकली जिंदगी : विदिशा में सूखे कुएं में सुरक्षित मिली लावारिस नवजात, हालत स्थित

गौरतलब है कि मोती नगर थाना पहले भी विवादों में रह चुका है। यहां से शराब बिक्री से जुड़ा मामला सामने आने पर हाई कोर्ट ने भी संज्ञान लिया था। अब नए आरोपों ने पुलिस की साख पर फिर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।