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मौत को मात देकर नौरादेही अभयारण्य पहुंची बाघिन चारों शावकों संग सुरक्षित मिली, छह माह पहले हो गई थी लापता

Published: Sun, 11 Oct 2026 06:42 PM (IST)

पेंच टाइगर रिजर्व से बचाई गई बाघिन, जो नौरादेही में चार शावकों को जन्म देने के बाद लापता हो गई ...और पढ़ें

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HighLights

  1. बाघिन को पेंच से बचाकर नौरादेही लाया गया था।

  2. चार शावकों को जन्म देने के बाद वह लापता हो गई थी।

  3. अब ट्रैप कैमरों में स्वस्थ शावकों संग सुरक्षित दिखी।

डिजिटल डेस्क, सागर। कभी जिंदगी बचाने के लिए रेस्क्यू की गई बाघिन अब अपने चार शावकों के साथ जंगल में सुरक्षित नजर आई है। पेंच टाइगर रिजर्व से बचाकर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही) में छोड़ी गई इस बाघिन ने अप्रैल 2026 में चार शावकों को जन्म दिया था। कुछ समय तक बच्चों के साथ दिखाई देने के बाद वह अचानक लापता हो गई।

महीनों तक उसका कोई सुराग नहीं मिलने और रेडियो कॉलर से लोकेशन मिलना बंद होने के कारण बाघिन व उसके शावकों के जीवित रहने पर आशंकाएं जताई जाने लगी थीं। अब ट्रैप कैमरों में बाघिन अपने चारों शावकों के साथ दिखाई दी है। शावक भी अब बड़े और स्वस्थ नजर आ रहे हैं।

कुएं में गिरने के बाद बचाई गई थी जान

बाघिन की जिंदगी बचाने की घटना 4 फरवरी 2025 की है। उस दिन पेंच टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने सिवनी जिले के हरदोली गांव में एक बिना मुंडेर वाले कुएं से उसे सुरक्षित बाहर निकाला था। बताया गया कि जंगली सूअर का पीछा करते समय बाघिन कुएं में गिर गई थी। उसे बाहर निकालने के लिए क्रेन और चारपाई की मदद ली गई।

रेस्क्यू के बाद बाघिन को रेडियो कॉलर पहनाया गया और निगरानी के लिए नौरादेही क्षेत्र में छोड़ दिया गया। नए ठिकाने पर उसने खुद को जंगल के वातावरण के अनुकूल ढाला और एक नर बाघ के साथ उसका मेल भी हुआ।

NDS tigress 02

मां बनने के बाद टूट गया था संपर्क

नौरादेही में बाघिन ने अप्रैल 2026 में चार शावकों को जन्म दिया। शुरुआत में वह एक-दो बार अपने बच्चों के साथ दिखाई दी, लेकिन इसके बाद अचानक उसकी गतिविधियों का पता चलना बंद हो गया। रेडियो कॉलर से भी लोकेशन नहीं मिलने के कारण वन विभाग के सामने उसकी तलाश चुनौती बन गई थी।

लंबे समय तक कोई जानकारी नहीं मिलने से बाघिन और उसके शावकों को लेकर चिंता बढ़ती गई। अब ट्रैप कैमरों में पूरी फैमिली की मौजूदगी दर्ज होने से राहत मिली है। चारों शावकों का बड़ा और स्वस्थ दिखाई देना भी सकारात्मक संकेत है।

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कुएं से सुरक्षित निकाले जाने के बाद नए जंगल में अपना ठिकाना बनाने और चार शावकों को जन्म देकर उनका पालन-पोषण करने तक बाघिन का सफर वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति में जीवटता की प्रेरक कहानी बन गया है।

कुछ समय पहले तक बाघिन के लापता होने की अफवाह उड़ाई गई थी, लेकिन वह अपने चार शावकों के साथ ट्रैप कैमरे में दिखी है। चारों शावक स्वस्थ हैं। घने वन क्षेत्र में कभी-कभी रेडियो कॉलर का सिग्नल नहीं मिलता। अब ठीक है।
- रजनीश सिंह, डिप्टी डायरेक्टर, वीरांगना दुर्गावती बाघ अभयारण्य