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राजगढ़ स्वास्थ्य विभाग में फर्जीवाड़ा: मृत कर्मचारी के नाम 9 महीने तक निकलता रहा वेतन, CMHO और लेखापाल निलंबित

Published: Thu, 01 Oct 2026 11:22 PM (IST)

राजगढ़ स्वास्थ्य विभाग में मृत सफाईकर्मी के नाम पर नौ महीने तक वेतन निकालने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. राजगढ़ स्वास्थ्य विभाग में मृत कर्मचारी के नाम वेतन जारी।

  2. सीएमएचओ डॉ. शोभा पटेल और लेखापाल दिनेश पारीक निलंबित।

  3. इससे पहले 20 हजार रुपये रिश्वत लेते भी पकड़ी गई थीं सीएमएचओ।

डिजिटल डेस्क, राजगढ़। राजगढ़ स्वास्थ्य विभाग में एक मृत सफाईकर्मी के नाम पर करीब नौ महीने तक वेतन निकालने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डा. शोभा पटेल और सीएमएचओ कार्यालय के लेखापाल दिनेश पारीक को निलंबित कर दिया है। जांच में दोनों के साथ एक सेवानिवृत्त कर्मचारी रामगोपाल नारेडा को भी मामले में दोषी पाया गया है।

मौत की सूचना के बाद भी जारी होता रहा वेतन

मामला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ढाबला में पदस्थ सफाई कर्मचारी सुमित्रा बाई से जुड़ा है। उनका 18 जनवरी 2025 को निधन हो गया था। केंद्र के चिकित्सा अधिकारी ने 28 जनवरी को पत्र के माध्यम से वरिष्ठ कार्यालय को उनकी मृत्यु की सूचना दे दी थी। जनवरी के उपस्थिति पत्रक से भी उनका नाम हटा दिया गया था।

इसके बावजूद सीएमएचओ कार्यालय से सुमित्रा बाई के नाम पर 14,844 रुपये मासिक वेतन जारी होता रहा। यह सिलसिला अक्टूबर 2025 तक चलता रहा। यानी मृत्यु के बाद भी करीब नौ महीने तक उनके नाम पर वेतन आहरित किया गया।

शिकायत के बाद हुई जांच

मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय तक पहुंचने के बाद अप्रैल 2026 में जांच कराई गई। जांच समिति ने पूरे मामले की पड़ताल के बाद डा. शोभा पटेल, लेखापाल दिनेश पारीक और रामगोपाल नारेडा को जिम्मेदार माना। रामगोपाल नारेडा अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। विभागीय जांच के आधार पर CMHO और लेखापाल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।

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रिश्वत लेते भी पकड़ी गई थीं CMHO

डा. शोभा पटेल इससे पहले भी लोकायुक्त कार्रवाई को लेकर चर्चा में रही हैं। अप्रैल 2026 में लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था। इसके बाद विभाग ने उनका स्थानांतरण किया था, लेकिन उन्होंने उच्च न्यायालय से स्टे ले लिया था। अब मृत कर्मचारी के नाम पर वेतन जारी होने के मामले में विभागीय जांच के आधार पर उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।